नकाब खींचने के विवाद के बीच नीतीश कुमार से पूछा 'क्या आप माफी मांगेंगे?', VIDEO में देखें CM का जवाब

यह घटना महिलाओं की गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक आचरण पर बड़ी बहस छेड़ चुकी है. एक तरफ मुस्लिम समुदाय और महिला अधिकार कार्यकर्ता माफी की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इसे छोटी बात बता रहे.

Published date india.com Published: December 22, 2025 9:27 AM IST
देखिए और पढ़िए नीतिश का रिएक्शन
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 दिसंबर 2025 को पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन को नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान उनके चेहरे से नकाब खींचने के विवाद में फंसे हैं. सीएम की तरफ से नकाब खींचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और देशभर से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं.

विवाद बढ़ने के साथ नीतीश कुमार की चुप्पी भी चर्चा में रही. वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे. 21 दिसंबर 2025 को नीतीश कुमार दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर पहुंचे. दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही मीडिया ने उनसे इसी नकाब विवाद पर सवाल किए. पत्रकारों ने पूछा कि महिला डॉक्टर का नकाब खींचने पर क्या कहेंगे? लेकिन नीतीश कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया. वे चुपचाप कार में सवार होकर चले गए.

कई न्यूज चैनलों ने इसका वीडियो शेयर किया, जिसमें साफ दिख रहा है कि सीएम ने सवालों को अनसुना कर दिया. यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. विपक्ष इसे बचाव की रणनीति बता रहा है, जबकि समर्थक कहते हैं कि विवाद को अनावश्यक तूल दिया जा रहा. एयरपोर्ट पर मीडिया की अनदेखी ने नकाब विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया. नीतीश कुमार की चुप्पी से लगता है कि वे इस पर बोलना नहीं चाहते, जो विवाद को और लंबा खींच सकता है.

देखें VIDEO-

यह घटना महिला की निजी गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता और सम्मान पर सवाल उठाती है.

  • राजद, कांग्रेस और अन्य ने इसे “शर्मनाक” और “महिला अपमान” करार दिया. राजद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए.
  • कांग्रेस ने इस्तीफे की मांग की.
  • जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला, पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती, पूर्व बॉलीवुड एक्ट्रेस जायरा वसीम समेत कई हस्तियों ने कड़ी निंदा की.
  • महबूबा मुफ्ती ने कहा कि नीतीश को पद छोड़ देना चाहिए.
  • पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इसे “शर्मनाक” बताया, जिससे मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया.
  • नीतीश कुमार के समर्थन में जदयू और कुछ एनडीए नेता उतरे. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं, क्योंकि नियुक्ति पत्र लेते समय चेहरा दिखाना जरूरी है, जैसे पासपोर्ट या एयरपोर्ट पर. जदयू मंत्री जमा खान ने इसे “पिता तुल्य स्नेह” बताया.

महिला डॉक्टर नुसरत परवीन इस घटना से इतनी आहत हुईं कि उन्होंने नौकरी ज्वाइन करने से इनकार कर दिया. वे कोलकाता चली गईं और परिवार मीडिया से दूर रहना चाहता है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि जॉइनिंग डेट बढ़ाई गई, लेकिन वे ज्वाइन नहीं करेंगी. बेंगलुरु में एक वकील ने जीरो एफआईआर की मांग की, जबकि अन्य जगहों पर शिकायतें दर्ज हुईं.

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