बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने संबंधी बयान पर आज निशाना साधते हुए हैरानी जतायी कि क्या देश कभी ऐसे ‘अपरिपक्व और नामदार’ नेता को इस पद के लिये स्वीकार करेगा. राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री बनने की अपनी आकांक्षा जाहिर की थी. एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा , ‘ऐसा नामदार जो अपने गठबंधन सहयोगियों में विश्वास नहीं करता … जो कांग्रेस के अंदरूनी लोकतंत्र की परवाह नहीं करता, जिसका अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच गया है और जो खुद यह घोषणा कर रहा है कि वह 2019 में प्रधानमंत्री बनेगा.’ उन्होंने कहा कि क्या देश कभी ऐसे अपरिपक्व ‘नामदार’ नेता को स्वीकार कर पायेगा?

राहुल गांधी पर मोदी का यह हमला उनकी प्रधानमंत्री बनने संबंधी टिप्पणी के बाद आया है. एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने कहा था कि अगर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी ‘सबसे बड़ी ’ पार्टी के तौर पर उभरती है तो वह प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने के लिये तैयार हैं. मोदी ने कहा कि राहुल का यह बयान इस पद के लिये उनकी जगजाहिर लालसा को दर्शाता है. उन्होंने कहा , ‘कल कर्नाटक और भारत की राजनीति में कुछ हुआ. अचानक एक व्यक्ति आया और उसने घोषणा की …. कि उसे दूसरों की परवाह नहीं है जो पहले से ही इस कतार में खड़े हैं. सहयोगियों की भी कोई परवाह नहीं.’

प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या इससे कांग्रेस अध्यक्ष का ‘अहंकार’ नहीं झलकता..
चुनावी राज्य कर्नाटक में अपने चुनाव प्रचार अभियान के आखिर पड़ाव में मोदी ने कहा, ‘ऐसे कई नेता हैं जो 40 साल से इंतजार कर रहे हैं.. लेकिन वह अचानक आये और अपनी दावेदारी रख दी और कहा मैं ही प्रधानमंत्री बनूंगा.’ कर्नाटक में 12 मई को मतदान होगा. प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद जनसमूह से पूछा कि क्या इससे कांग्रेस अध्यक्ष का ‘अहंकार’ नहीं झलकता. उन्होंने यह भी जानना चाहा कि यह कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी लोकतंत्र को दर्शाता है या नहीं.

मनमोहन सिंह के कार्यकाल में रिमोट कंट्रोल सोनिया गांधी के पास था..
फर्जीवाड़ा और भाजपा विरोधी मोर्चे गढ़ने के प्रयासों के बारे में बोलते हुए मोदी ने कहा, ‘बड़ी, बड़ी बैठकें हुई हैं. बड़े- बड़े दिग्गज उन्हें सत्ता से हटाने के लिये बैठकें कर रहे हैं लेकिन उन सबको अंधेरे में रखते हुए राहुल गांधी ने घोषणा कर दी वही प्रधानमंत्री बनेंगे.’ उन्होंने कहा कि क्या यह गठबंधन के बीच ‘अविश्वास’ के स्तर को नहीं दिखाता है. कांग्रेस अपना कटाक्ष जारी रखते हुए उन्होंने पार्टी को एक ‘डील पार्टी’ करार दिया. मोदी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह के कार्यकाल में रिमोट कंट्रोल तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास होता था, जबकि उनके चार साल के शासन में रिमोट कंट्रोल जनता के हाथ में है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की संस्कृति, सांप्रदायिकता, जातिवाद, अपराध, भ्रष्टाचार और ठेकेदारी ऐसी छह बीमारियां हैं जो कर्नाटक का भविष्य बर्बाद कर रही हैं. मोदी ने वहां मौजूद जनसमूह से कहा कि अब वक्त आ गया है कि कर्नाटक कांग्रेस को ‘अलविदा’ कहे.

(इनपुट-भाषा)