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26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से प्रधानमंत्री ने अबतक 18 देशों की यात्रा की हैं। इन यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशो में भारत का डंका बजाया हैं। अपने कार्यकाल के एक साल में मोदी ने 55 दिन देश के बाहर गुज़ारे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कई अहम् करारों पर हस्ताक्षर किये और कई देशों को आर्थिक मदद भी की। आइये एक नज़र डाल लेते हैं प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं से भारत को क्या हासील हुआ। Also Read - भारत में टीकाकरण शुरू होने पर इस देश के प्रधानमंत्री ने कहा कुछ ऐसा, पीएम मोदी ने दिया ये जवाब

16-17 जून 2014 भूटान: मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री पहली विदेश यात्रा के लिए भारत के पड़ोसी मुल्क भूटान को चुना। इस यात्रा के दौरान मोदी ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाक़ात की और वहा की पार्लियामेंट को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भूटान को कई आर्थिक सहायता करने की भी घोषणा की।

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 13-16 जुलाई 2014 ब्रिक्स सम्मलेन: प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी अपनी पहली बहुपक्षीय यात्रा के लिए ब्रिक्स सम्मलेन के लिए ब्राज़ील गए। वहा उन्होंने दुनिया के प्रमुख देश ब्राजील, रुस, द.अफ्रीका, चीन के नेताओं से मुलाकात की और उन्हें भारत में निवेश करने का न्योता दिया इस दौरान भारत को ब्रिक्स बैंक के अध्यक्ष पद का मौक़ा मिला।

3-4 अगस्त 2014 नेपाल: सार्क सम्मलेन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पड़ोसी देश नेपाल का रुख किया। अपनी नेपाल यात्रा के दौरान उन्होंने वहा की संसद को संबोधित किया और पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा भी की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने नेपाल और भारत के कई प्रमुख शहरों के बीच बस यात्रा शुरू की और नेपाल के पुलिस एकेडेमी के लिए 550 करोड़ रुपयों की निधि देनेका एलान किया।

30 अगस्त- 3 सितम्बर जापान: सितम्बर की शुरुवात में प्रधानमंत्री ने जापान का रुख किया। वहा उन्होंने क्योटो और टोक्यो शहर की यात्रा की। इस दौरान मोदी ने जापानी प्रीमियर शिंजो ऐब से मुलाक़ात की और वहा से 35 billion dollar का निवेश भारत में ले आये।

 26-30 सितम्बर  2014 अमेरिका: गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी को वीजा नकारने वाले देश अमरीका ने प्रधानमंत्री बनाते ही मोदी को वहा आने का न्योता दिया, मोदी का वहा पुरे जोश से उदघाटन हुआ। वहा दिए गए उनके भाषण को आज भी याद किया जाता हैं। पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की और यूएन जनरल एसेंबली को भी संबोधित भी किया। अमेरिका से प्रधानमंत्री $41 million का निवेश लेकर स्वदेश लौटे।

 11-13 नवंबर 2014 ईस्ट एशिया समिट: पीएम मोदी ने ईस्ट-एशियान सम्मेलन में देशों के बीच अधिक से अधिक संपर्क बनाने की बात कही।

 14-18 नवंबर 2014: 28 सैलून के बाद भारत के किसी प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया में कदम रखा। मोदी ने G-20समिट में शिरकत की और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी अब्बोत्त से मुलाक़ात कर द्विपक्षीय वार्ता की। अपनी यात्रा के दौरान मोदी ने मेलबोर्न के एमसीजी मैदान को भी भेट दी जहां 2015 में विश्व कप का फाइनल खेला गया था।

 19 नवंबर फिजी: ऑस्ट्रेलिया के करीब इस छोटे से देश में जब प्रधानमंत्री गए तब वहा के लोगो में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी मोदी ने वहा कई विकास कामो के लिए 75 million की घोषणा की।

 25-27 नवंबर 2014: मौक़ा था सार्क समिट का और प्रधानमंत्री एक बार फिर काठमांडू पहुंचे। प्रधानमंत्री ने इस दौरान आतंकवाद का मुद्दा उठाया। इस दौरान पकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ भी मौजूद थे।

 11-13 2015 मार्च मॉरिशस: पीएम मोदी ने मार्च में मॉरीशस का दौरा किया। इस दौरान मोदी ने दोनों देशों के रिश्ते को मजबूत करने की बात कही। इस दौरान सागरी व्यवहार को लेकर कई करारों पर हस्ताक्षर किये गए।

 13-14 मार्च 2015: श्रीलंकाई राष्ट्रपति सिरिसेना के न्योते पर प्रधानमंत्री श्रीलंका पहुंचे। अपनी यात्रा के दौरान दोनों ही देशों ने कई महत्वपूर्ण करारो पर हस्ताक्षर किये। राजीव गाँधी के बाद मोदी श्रीलंका जाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने। इस दौरान मोदी जाफना भी गए जहां तामिल मूल के लोग रहते हैं।

 9-12 अप्रैल 2015 पेरिस: पिछले महीने में प्रधानमंत्री फिर एक बार विदेश यात्रा पर निकले। तीन देशो की इस यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री पेरिस पहुंचे। वहा उन्होंने रफाले जेट्स को लेकर करार पर हस्ताक्षर किये। प्रधानमंत्री ने वहा भारतीय रेलवे के विकास को लेकर भी विशेषज्ञों से सकारात्मक वार्ता की।

 12-14 अप्रैल 2015 जर्मनी: अपने दुसरे पड़ाव में मोदी जर्मनी पहुंचे। पीएम ने बर्लिन में जर्मनी की चांसलर एंजेला मोर्केल से मुलाक़ात कर कई द्विपक्षीय करारों पर हस्ताक्षर किये। मोदी के इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने विनिर्माण, कौशल विकास, शहरी विकास, जल और अपशिष्ट प्रबंधन, भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, नदियों, अक्षय ऊर्जा, शिक्षा की सफाई, और अनुसंधान में सहयोग बढाने के लिए कई ठोस कदम उठाये।

 14-16 अप्रैल 2015 कनाडा: कनाडा में कई भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इन्ही भारतीय लोगो को भारत में निवेश का न्योता देने के हेतु से नरेन्द्र मोदी ने कनाडा की यात्रा की। मोदी की इस यात्रा के दौरान उन्हें वहा के भारतीय समाज के लोगो का बहुत प्यार मिला। अपनी यात्रा के दौरान दोनों देशो के बीच भारत को युरेनियम सप्लाई को लेकर एक एतेहासिक करार हुआ।

 14-16 मई 2015 चीन: भारत और चीन सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री ने वहा का दौरा किया। वहा एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दो तुक शब्दों में चीन से सीमा पर घुसपैठ रोकने को कहा। इस दौरान प्रधानमंत्री चीन से 20 अरब डॉलर का निवेश लेकर मोनोलिया की यात्रा पर निकले

 16-17 मई 2015: चीन से प्रधानमंत्री नारेंद्र मोदी ने मंगोलिया का दौरा किया। मोंगोलिया को  मोदी ने $1 billion की आर्थिक सहायता की।

 18-19 मई 2015 दक्षिण कोरिया: प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के साथ 7 करार किये। दक्षिण कोरिया ने भारत में निवेश करने को हरी झंडी दी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले महीने में प्रधानमंत्री बांग्लादेश की यात्रा भी कर सकते हैं।