नई दिल्ली: सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने फैसले को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने का स्वागत करते हुए केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने कहा कि यह देश के जनसामान्य के हित में किया गया फैसला है. शुक्ला ने मंत्रिमंडल के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संसद परिसर में संवाददाताओं को बताया ‘यह प्रसन्नता का विषय है. मैं स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा किए गए इस फैसले का स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि देश के सामान्य वर्ग के लोग भी इस फैसले का स्वागत करते हैं. शुक्ल ने कहा ‘मुझे लगता है कि निश्चित रूप से यह फैसला बहुत पहले होना चाहिये था. लोग केवल कहा करते थे लेकिन नरेंद्र मोदी जी ने इसे करके दिखाया है.

इस दौरान हालांकि विपक्षी दलों ने फिलहाल इस फैसले पर प्रतिक्रिया देने से बचते हुये इतना ही कहा कि मंत्रिमंडल के फैसले का अध्ययन करने के बाद ही वह कुछ कह पायेंगे. मंत्रिमंडल के फैसले पर संसद की मंजूरी के लिये इसे मंगलवार को दोनों सदनों में पेश किये जाने की संभावना के सवाल पर सपा के राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा ‘इस बारे में सदन पटल पर प्रस्ताव पेश होने पर इसका अध्ययन करने के बाद ही मैं कुछ कहूंगा. अभी मैं कुछ नहीं कहूंगा. आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार करते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि फैसले का अध्ययन करने के बाद ही वह इस बारे में कुछ कह सकेंगे.

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है. सरकार मंगलवार को इस संबंध में संसद में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है. यह मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा. आरक्षण का लाभ उन्हें मिलने की उम्मीद है जिनकी वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होगी और पांच एकड़ तक जमीन होगी. सूत्रों ने बताया कि फैसले को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन करना होगा.