नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 520 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को मंजूरी दी है. यह पांच साल की अवधि के लिए है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के लिए 520 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को मंजूरी दी. Also Read - भूमि कानूनों में संशोधनों पर कांग्रेस ने कहा- जम्मू-कश्मीर की जनता छला हुआ महसूस कर रही है

केंद्र ने कहा कि इससे इन केंद्र शासित प्रदेशों की जरूरत के आधार पर मिशन के तहत पर्याप्त धन सुनिश्चित कराया जाएगा. साथ ही केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सभी केंद्र प्रायोजित व उन्मुख योजनाओं को धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारना ही भारत सरकार का लक्ष्य है. Also Read - महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला को भारत में रहने का अधिकार नहीं: केंद्रीय मंत्री

इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को डीएवाई-एनआरएलएम के तहत उनकी आजीविका के साथ-साथ संस्थानों और बैंकों से वित्तीय संसाधनों के जरिए परिवार की एक महिला सदस्य को स्वयं सहायता समूह में शामिल करना, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के साथ-साथ आजीविका योजनाओं में सहायता प्रदान करना है. Also Read - उमर अब्दुल्ला नए भूमि कानून पर खींझे, कहा- जम्मू-कश्मीर बिक्री के लिए तैयार!

मिशन में स्वयं सहायता की भावना के साथ समुदाय पशेवरों के जरिए समुदाय संस्थानों के साथ कार्य करना शामिल है. कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे राष्ट्रीय, राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यान्वयन सहायता इकाइयों के साथ मिशन मोड में लागू किया गया है.

यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बदली परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीण परिवारों और महिला सशक्तीकरण के लिहाज से जीवन स्तर को सुधारने का काम करेगा. डीएवाई-एनआरएलएम एक केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देशभर में ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए कई आजीविका के प्रचार के माध्यम से ग्रामीण गरीबी को समाप्त करना है.