
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
Rafale-Maritime strike fighters: केंद्र सरकार इस महीने भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लेने वाली है. अप्रैल के अंत में मोदी सरकार 26 राफेल-मैरीटाइम स्ट्राइक फाइटर्स की खरीद को हरी झंडी देने के लिए पूरी तरह तैयार है. ये सौदा 7.6 बिलियन डॉलर का होगा.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राफेल मैरीटाइम फाइटर जेट (Rafale-Maritime strike fighters) सौदे को इस महीने के अंत में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के समक्ष रखा जाएगा. इसके अलावा तीन अतिरिक्त डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के लिए भी सरकार की मंजूरी मिल सकती है.
राफेल-एम लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल भारत के दो विमानवाहक पोतों पर समुद्र में भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए किया जाएगा. अतिरिक्त पनडुब्बियां हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में लगातार बढ़ रही चीन की चुनौती से निपटने में भारत के प्रतिरोध को मजबूत करेंगी.
भारत पहले से ही 36 राफेल लड़ाकू विमानों का संचालन कर रहा है. ताजा सौदा इसके नौसेनिक वर्जन के लिए होगा. विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनाती के लिए फ्रांस के डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित 26 राफेल-मरीन (राफेल-एम) लड़ाकू जेट की खरीद की चर्चा लंबे समय से चल रही है. अब भारत इसे अंतिम रूप देने के लिए तैयार है.
डसॉल्ट एविएशन द्वारा डिजाइन और निर्मित राफेल-एम उन्नत एवियोनिक्स और एईएसए रडार से लैस है और ये एक मल्टी रोल फाइटर जेट है. यह एक सिंगल सीट वाला 4+ पीढ़ी का लड़ाकू विमान है. राफेल-एम समुद्र में काफी दूर तक हमले करने में सक्षम है.
राफेल-एम मेटियोर, मल्टी-मिशन एयर-टू-एयर मिसाइल सिस्टम (MICA), SCALP मिसाइलों और EXOCET एंटी-शिप हथियारों जैसे उन्नत हथियारों से लैस है. इसे खास तौर पर नौसेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है.
इस लड़ाकू विमान का संचान विमानवाहक पोत से किया जाना है इसलिए यह कैटापुल्ट असिस्टेड टेक-ऑफ बैरियर अरेस्टेड रिकवरी (CATOBAR) और शॉर्ट टेक-ऑफ, बैरियर अरेस्टेड रिकवरी (STOBAR) सिस्टम जैसी उन्नत तकनीकों से लैस है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.