नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 2022 तक देश में सबको अपना घर देने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं. हालांकि मौजूदा सरकार का कार्यकाल 2019 तक का है लेकिन सरकार ने लक्ष्य 2022 तक का रखा है. इस लक्ष्य के मुताबिक सरकार चाहती है कि 2022 तक देश में सबका अपना घर हो. अब इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सरकार एक ऑनलाइन नॉलेज लैब शुरू करेगी. Also Read - भाजपा ने जम्मू-कश्मीर की सभी पार्टियों को एक मंच पर ला दिया, हम अनुच्छेद 370 को वापस लाएंगे: सज्जाद लोन

सबके लिये 2022 तक आवास के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिये ऑनलाइन नॉलेज लैब शुरू करेगी. इसके जरिये नयी टेक्नॉलजी और नए डिजाइनों के जरिये सस्ती आवासीय परियोजनाओं को लागू करने के तरीके बताए जाएंगे. Also Read - महिलाओं के बैंक खातों में केंद्र सरकार जमा कर रही है 2.20 लाख रुपये? जानिए सच्चाई

आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार यह लैबोरेटरी देश में सस्ते आवास से संबंधित मामलों पर सूचना के स्रोत के रूप में काम करेगी. एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने आवास परियोजनाओं को लागू करने और विभिन्न क्षेत्रों जैसे आवासीय प्रौद्योगिकी, नवोन्मेषी डिजाइन, आवासीय वित्त एवं विकास नीतियों के बारे में जानकारी साझा करने के लिये कई कदम उठाए हैं. Also Read - सरकारी महकमे में अब बजेगी सिर्फ BSNL-MTNL की ही घंटी, DoT ने जारी किया मेमोरेंडम

अधिकारी ने कहा, ‘‘इन विषयों पर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सूचना के भंडार की जरूरत महसूस किये जाने के मद्देनजर ‘हाउसिंग फॉर ऑल-नॉलेज लैब’ स्थापित किया जाएगा.’’

राज्य और केंद्रशासित प्रदेश प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत सबके लिये आवास की सरकार की दृष्टि के मद्देनजर हितधारकों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. पीएमएवाई (यू) के तहत सरकार ने देशभर में 2022 तक एक करोड़ मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा है.

(इनपुट: एजेंसी)