दिल्ली के बाद बिहार विधानसभा चुनावों में हार का सामना करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अपनी कैबिनेट में बदलाव करना चाहते हैं. मोदी छवि सुधारने और परफॉर्मेंस को बेहतर करने के लिए कैबिनेट में बदलाव चाहते हैं। लेकिन उनके सामने एक मुश्किल आ गई है और वो ये है कि मंत्रियों को बदलने के लिए उनके पास सही लोग नहीं है। ऐसे में मोदी के सामने कई सारी मुश्किलें खड़ी हो गयी है। Also Read - देश की आजादी के 75वें वर्ष को मनाने के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में समिति गठित, सोनिया, ममता और मुलायम सिंह भी शामिल

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बता दे कि बीजेपी के एक वरिष्ठ सदस्य और मोदी के करीबी ने बताया कि अगले साल की शुरुआत में कुछ बदलाव हो सकते हैं लेकिन उनके सामने ऐसे उम्मीदवार नहीं हैं, जिनको पुराने मंत्रियों की जगह पर लाया जा सके। यह भी पढ़े-दलित सशक्तिकरण के लिए काम कर रही सरकार: मोदी Also Read - WB Assembly Elections 2021: दिलीप घोष ने किया कंफर्म, सौरव गांगुली भाजपा में नहीं हो रहे शामिल

खबरों की मानें तो अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय मिल सकता है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मोदी को अपने विकास के वादे पर अमल करने के लिए अरुण जेटली की जगह पर लाने को कोई उपयुक्त शख्स नहीं मिल रहा है। यह भी पढ़े-2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 9 महत्वपूर्ण विदेश यात्राएं

मोदी पर पार्टी की छवि को फिर से सुधारने का दबाव है। करीब डेढ़ साल पहले मोदी नई नौकरियों और विकास का वादा करके सत्ता में आए थे लेकिन अब ये वादे धूमिल होते नजर आ रहे हैं। बेरोजगारों को कोई नई उम्मीद नहीं दिख रही है और अर्थव्यवस्था भी चरमराई हुई है। ग्रामीण इलाकों में भी हालात बेहतर नहीं हुए हैं और किसानों की आत्महत्या की संख्या में भी इजाफा ही हुआ है। यह भी पढ़े-‘मोदी का अच्छा बर्ताव यूएनएससी की सदस्यता पाने की कोशिश’

सूत्रों के अनुसार परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को कृषि मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन उन्होंने अपने पास काफी काम का हवाला देते हुए इसे लेने में असमर्थता जता दी।