बिश्केक: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनके मध्य एशियाई देशों के दौरे ने इस क्षेत्र के साथ भारत के नए स्तर के संबंधों के महत्व को दर्शाया है और किर्गिस्तान इस दृष्टिकोण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति अलमजबेक अतमबायेव के साथ बैठक के बाद जारी बयान के मुताबिक, मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर समर्थन देने पर किर्गिस्तान का आभार जताया। यह भी पढ़े:भारत, किर्गिस्तान ने 4 समझौतों पर हस्ताक्षर किए Also Read - पीएम मोदी और शिवराज सिंह चौहान के बीच 80 मिनट तक हुई बातचीत, जानें क्यों हुई इतनी लंबी मीटिंग

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दोनों पक्षों के बीच रक्षा सहयोग, तथा चुनाव के क्षेत्र में आपसी समझ तथा सहयोग सहित चार समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। उन्होंने कहा, “हम भारत के भविष्य में मध्य एशिया के लिए महत्वपूर्ण स्थान देखते हैं। हम एक-दूसरे की आर्थिक प्रगति को बढ़ा सकते हैं। हम एशिया के विभिन्न हिस्सों में समन्वय तथा एकजुटता की दिशा में योगदान दे सकते हैं।” Also Read - पीएम मोदी ने दी बधाई तो इजराइल के नए प्रधानमंत्री बेनेट ने कहा- 'आपके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हूं'

मोदी ने कहा कि भारत और मध्य एशिया क्षेत्र में चुनौती के वक्त शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित पड़ोसी की जरूरत है। चरमपंथ तथा आतंकवाद के खिलाफ जंग हम दोनों ही चाहते हैं। भारतीय प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच हुए समझौते पर खुशी जाहिर की और कहा कि वह किíगस्तान के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे की उम्मीद कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में संबंध मजबूत करने पर बात की।

उन्होंने कहा, “मुझे इस बात की खुशी है कि हमने बिश्केक स्थित किíगस स्टेट युनिवर्सिटी में एक भारत-किíगस्तान सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना की। सूचना प्रौद्योगिकी आज सफलता और युवाओं के अवसर निर्माण के लिए आवश्यक है। हम किर्गिस्तान के अन्य शहरों में इसी तरह का केंद्र स्थापित करने पर खुशी महसूस करेंगे।”