नई दिल्ली, 24 नवंबर | पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की संभावनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेपाल यात्रा बेहद दिलचस्प हो गई है। मोदी 18वें दक्षेस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने मंगलवार को रवाना होंगे। अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति अशरफ गनी को छोड़कर अन्य सभी नेताओं के साथ मोदी की यह दूसरी मुलाकात होगी।

उल्लेखनीय है कि मोदी ने 26 मई को अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दक्षिण एशिया के नेताओं को आमंत्रित किया था। मोदी तथा शरीफ के बीच बैठक से हालांकि इनकार किया गया है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “प्रधानमंत्री दक्षेस नेताओं के साथ एक अर्थपूर्ण वार्ता के लिए काठमांडू जाएंगे।” यात्रा में प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा विदेश सचिव सुजाता सिंह होंगी।

इससे पहले, मोदी नेपाल को एक अरब डॉलर के ऋण सुविधा की घोषणा कर चुके हैं, साथ ही उन्होंने संविधान सभा को भी संबोधित किया था। आगामी यात्रा के दौरान मोदी दिल्ली परिवहन निगम द्वारा दिल्ली-काठमांडू बस सेवा के शुरुआत की घोषणा कर सकते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यात्रा के दौरान मोदी जनकपुर, भगवान बुद्ध के जन्मस्थल लुंबिनी तथा मुक्तिनाथ की यात्रा करने वाले थे, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे रद्द कर दिया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने हालांकि कहा कि मोदी उन स्थलों की यात्रा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  सांस्कृतिक समानताएं साझा करने के बावजूद दक्षेस राष्ट्र यूरोपीय संघ की तरह एक क्षेत्रीय गुट के रूप में सफल होने में नाकामयाब रहे हैं। इस क्षेत्र में दुनिया की लगभग बीस फीसदी आबादी तथा 40 फीसदी गरीबों का बसेरा है। दक्षेस सदस्य देशों का कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दुनिया की तीन फीसदी है।

दक्षेस गुट विकासात्मक चुनौतियों- जैसे गरीबी, असमानता, अशिक्षा, बीमारियों, भूख तथा घरों की कमी का सामना कर रहा है।