नरेंद्र मोदी: पूर्वोत्तर को दक्षिण पूर्व एशिया का द्वार बनाया जाएगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों को दक्षिण पूर्व एशिया के द्वार के रूप में विकास किया जाएगा।

Published: December 2, 2014, 10:42 AM IST

पलटाना, 1 दिसम्बर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों को दक्षिण पूर्व एशिया के द्वार के रूप में विकास किया जाएगा।  प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय झंडे के चार रंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में चार क्रांति शुरू की जाएगी, जिसमें कृषि के लिए दूसरी हरित क्रांति भी शामिल होगी, जिसमें पूर्वोत्तर भारत में जैविक खेती पर विशेष जोर दिया जाएगा। मोदी ने कहा, “श्वेत क्रांति दूध और पशुपालन के लिए, केसरिया क्रांति ऊर्जा विकास और नवीकरणीय ऊर्जा विकास के लिए और नील क्रांति मत्स्य और मरीन विकास के लिए।”

मोदी ने यहां एक बिजली उत्पादन संयंत्र की दूसरी इकाई देश को समर्पित करते हुए कहा, “देश में चौमुखी क्रांति शुरू होगी और पूर्वोत्तर उसका अगुआ बनेगा।” उन्होंने कहा, “पूर्वोत्तर और म्यांमार तथा असपास के क्षेत्र का उपयोग करते हुए एक आर्थिक गलियारे का विकास किया जाएगा। पूर्वोत्तर भविष्य में दक्षिण पूर्व एशिया में पहुंचने का द्वार होगा।” उन्होंने कहा, “हम ऊर्जा क्षेत्र के माध्यम से विकास चाहते हैं और इस क्षेत्र से पूर्वोत्तर की बेरोजगारी की समस्या दूर हो जाएगी। जापान और जर्मनी ने विभिन्न माध्यमों से पूर्वोत्तर को मदद करने का वादा किया है।”

मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर अब पिछड़ा नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने म्यांमार के साथ एक आर्थिक गलियारा खोलने के लिए जापान के साथ एक समझौता किया है। उन्होंने कहा, “भारत को सहयोग देने के लिए मैं बांग्लादेश को धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने साथ ही कहा कि यदि बांग्लादेश भारत से बिजली खरीदना चाहता है, तो भारत इसके लिए तैयार है। उन्होंने पूर्वोत्तर के सभी मुख्यमंत्रियों से विकास के लिए एक-दूसरे को सहयोग करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा, “पूवरेत्तर में पर्यटन की इतनी बड़ी संभावना है, जितनी देश में कहीं और नहीं है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “10 हजार करोड़ रुपये की पलटाना बिजली परियोजना केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर के बिजली क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश है। यह एक पर्यावरण अनुकूल परियोजना भी है और इसके माध्यम से त्रिपुरा ने पर्यावरण संरक्षण में दुनिया में अपने लिए एक स्थान बना लिया है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘पूर्व की ओर देखो की नीति’ को बदलकर ‘पूर्व की ओर काम करो की नीति’ बनाई है।

इस अवसर पर मौजूद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के ऊर्जा सलाहकार तौफीक-ए-इलाही चौधरी ने कहा कि आपसी सहयोग से भारत और बांग्लादेश दोनों का विकास होगा। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने कहा कि त्रिपुरा में प्राकृतिक गैस का विशाल भंडार मौजूद है, जिसका गत 40 वर्षो से दोहन नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को कई बार किए गए आग्रह के बाद स्थापित हुए इस बिजली संयंत्र से पूर्वोत्तर की बिजली समस्या दूर होगी।”

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