केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में टिड्डी नियंत्रण अभियानों की समीक्षा की और कहा कि इस अभियान के लिए एक पखवाड़े के भीतर ब्रिटेन से 15 स्प्रेयर आ जाएंगे, इसके बाद 45 और स्प्रेयर खरीदे जाएंगे. Also Read - Locust Attack In Haryana: गुरुग्राम से पलवल की तरफ बढ़ रहा टिड्डी दल, दिल्ली पर भी बोल सकता है धावा

मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार ऊंचे पेड़ों और दुर्गम स्थानों पर कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन की तैनाती की जाएगी, हेलिकॉप्टरों से हवाई छिड़काव किया जाएगा. Also Read - राजस्थान से ओडिशा तक टिड्डी का टेरर! प्रशासन ने दी डीजे बजाने की सलाह

तोमर ने कहा कि सरकार इस समस्या को पूरी गंभीरता से ले रही है. उन्होंने कहा कि राज्यों के साथ मिलकर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. राज्यों को परामर्श जारी किया जा चुका है.’’ Also Read - सरकार का ऐलान, वर्ष 2022 तक देश में बनेंगे 75 लाख महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स 

मंत्री ने बताया, ‘‘ब्रिटेन से अतिरिक्त स्प्रेयर 15 दिनों में आने शुरू हो जाएंगे. इनका आर्डर पहले ही दिया जा चुका है. 45 और स्प्रेयर भी अगले एक-डेढ़ महीने में खरीद लिए जाएंगे. ऊंचे पेड़ों तथा दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण हेतु कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा, वहीं छिड़काव के लिए हेलिकॉप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है.’’ मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्रवार 11 नियंत्रण कक्ष स्थापित कर विशेष दलों की तैनाती करते हुए उनके साथ अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं. सभी स्थानों पर किसानों की मदद से नियंत्रण दल तत्परता से कार्रवाई में जुटे हुए हैं.

विज्ञप्ति के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच, उज्जैन, रतलाम, देवास, आगर मालवा, छतरपुर, सतना व ग्वालियर, राजस्थान के जैसलमेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, पाली, बीकानेर, भीलवाड़ा, सिरोही, जालोर, उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़, दौसा, चुरू, सीकर, झालावाड़, जयपुर, करौली एवं हनुमानगढ़, गुजरात के बनासकांठा और कच्छ, उत्तर प्रदेश में झांसी और पंजाब के फाजिल्का जिले में 334 स्थानों पर 50,468 हेक्टेयर क्षेत्र में हॉपर और गुलाबी झुंडों को नियंत्रित किया गया है.

वर्तमान में राजस्थान के दौसा, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बीकानेर, मध्य प्रदेश के मुरैना और उत्तर प्रदेश के झांसी में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों के झुंड सक्रिय हैं.