नई दिल्ली: ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज ने शनिवार को ‘नारी शक्ति’ को साल 2018 का हिन्दी शब्द चुना. यहां डिग्गी पैलेस में चल रहे जयपुर साहित्योत्सव (जेएलएफ) में इस बाबत घोषणा की गई. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज के अनुसार यह शब्द संस्कृत से लिया गया है और इन दिनों अपने हिसाब से जीवन जी रहीं महिलाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ऑक्सफोर्ड ने 2017 में ‘आधार’ को अपना हिन्दी शब्द चुना था. आक्सफोर्ड ने यह पहल 2017 से ही शुरू की थी.

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज लैंग्वेज चैंपियन क्रितिका अग्रवाल ने कहा कि नारी शक्ति या वुमन पावर शब्द का 2018 में नवीनीकरण हुआ है. नारी शक्ति एक अभियान है जिसमें पुरुष और महिला दोनों जुड़े हुए हैं. यह याद दिलाता है कि हमें अच्छी लड़ाई लड़ने की जरूरत है. सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में नारी शक्ति को लेकर दो बड़े फैसले दिए. इंस्टेंट ट्रिपल तलाक पर रोक और सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री की इजाजत देना. हर साल लैंग्वेज एट्सपर्ट की मदद से हिन्दी वर्ड ऑफ द ईयर का चुनाव किया जाता है.

जयपुर साहित्योत्सव में हिंदी बेस्टसेलर किताबों की सूची जारी की गई जिसमें नामचीन लेखकों के साथ उभरते हुए कलमकार भी शामिल हैं. सूची में अक्टूबर 2018 से दिसंबर 2018 के बीच सर्वाधिक बिकने वाली हिंदी किताबें शामिल हैं. कथा श्रेणी में लेखक सत्य व्यास की तीन किताबों ने जगह बनाई है. जिनमें ‘चौरासी’, ‘बनारस टॉकीज’ और ‘दिल्ली दरबार’ हैं. गुलजार की ‘दो लोग’ और सुरेंद्र मोहन पाठक की ‘कॉनमैन’ भी इन 10 किताबों की फेहरिस्त में शामिल हैं.

कथेतर श्रेणी में अजीत भारती का ‘बकर पुराण’, सुरेंद्र मोहन पाठक की ‘ना बैरी ना कोई बेगाना’ और अशोक कुमार पांडेय की ‘कश्मीरनामा’ शीर्ष पर रहीं. अनुवाद श्रेणी में लेखक अमीश त्रिपाठी की तीन पुस्तकें शुमार रहीं. इनमें ‘इक्ष्वाकु के वंशज’, ‘वायुपुत्रों की शपथ’ और ‘सीता-मिथिला की योद्धा’ हैं. पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत एपीजे अब्दुल कलाम की आत्मकथा ‘मेरी जीवन यात्रा’ इस सूची में शीर्ष पर बनी रही. कवि-गीतकार जावेद अख्तर, गुलजार, राहत इंदौरी और पीयूष मिश्रा कविता की बेस्टसेलर सूची में शामिल रहे.