नई दिल्ली| इंडिया गेट पर आज शाम युवा आर्मी ऑफिसर उमर फयाज की शहादत को नमन करने के लिए लोग इक्कठे हुए और श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों ने कैंडल मार्च किया. श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली एनसीआर के रहने वाले लोगों के साथ कई विद्यालयों के छात्र भी मौजूद रहे. इंडिया गेट पर लोगों ने नारा भी लगाया कि उमर फयाज हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिंदा हैं. साथ में बैनर भी था जिस पर नारा भी लिखा था कि बस इतना याद रहे, एक साथी और भी था.Also Read - 'सिर्फ एक दिन भगत सिंह बनने से कुछ नहीं होता' Ajay Devgn ने बताया क्या करना चाहिए इसके लिए

फयाज कश्मीर के कुलगाम के ही रहने वाले थे. फयाज छुट्टी में अपने घर आए थे और शादी में शामिल होने के लिए शोपियां गए हुए थे. 10 मई को रात बजे यहीं से आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी. फयाज एनडीए में हॉकी टीम के कैप्टन थे और वॉलीबॉल के भी अच्छे खिलाड़ी थे. Also Read - बॉलीवुड को एक और क्षति, संगीतकार वनराज भाटिया का निधन, स्मृति ईरानी...फरहान अख्तर ने दी श्रद्धांजलि

पिता हैं छोटे किसान Also Read - BAFTA 2021 में इरफान खान-ऋषि कपूर को दी गई श्रद्धांजलि, फैंस बोले- दिल दुखी हो गया

22 वर्षीय फयाज के पिता सेब का व्यापार करने वाले छोटे किसान हैं. जून 1994 में जन्मे फयाज जम्मू के अखनूर में दूसरी बटालियन, राजपूताना राइफल्स में तैनात थे. फयाज ने 2015 में एनडीए से पास कर इंडियन मिलिट्री एकेडमी ज्वाइन किया था जहां 10 दिसंबर 2016 में सेना में उनकी कमिशनिंग हुई थी. 8 जून को वह 23 साल के होने वाले थे.

आतंकवादी सुरक्षाबलों के साथ ऐसी कायराना हरकत पहले भी कर चुके हैं, लेकिन सेना के किसी अफसर के साथ हाल के सालों में ऐसी हरकत पहली बार की है. उनकी हत्या के पीछे हिज्बुल मुजाहद्दीन का हाथ बताया जा रहा है.

बेहिबाग के सैन्य विद्यालय का नाम फयाज के नाम पर रखा जाएगा. सैन्य कमांडर ने समूह बीमा कोष से 75 लाख रूपये का चेक फयाज के माता-पिता को सौंपा.