नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बच्चों के कार्यो की सराहना की और कहा कि युवा साथियों के ऐसे साहसिक कार्यों के बारे में सुनने से उन्हें प्रेरणा और ऊर्जा मिलती है. मोदी ने अपने आवास पर ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2020’ के 49 बाल विजेताओं के साथ बातचीत की. ये 49 पुरस्कृत बच्चे देश के विभिन्न राज्यों के हैं, जिनमें एक-एक पुरस्कृत बच्चा जम्मू कश्मीर, मणिपुर और अरूणाचल प्रदेश का है. इन बच्चों ने कला एवं संस्कृति, नवाचार, प्रतिभा, समाज सेवा, खेल और बहादुरी जैसे क्षेत्रों में पुरस्कार प्राप्त किया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में इन बच्चों को 22 जनवरी को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2020’ प्रदान किया.

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता बच्चों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘थोड़ी देर पहले जब आप सभी का परिचय हो रहा था, तब मैं सच में हैरान था. इतनी कम आयु में जिस प्रकार आप सभी ने अलग-अलग क्षेत्रों में जो प्रयास किए हैं और जो काम किया है वो अद्भुत है.’ उन्होंने कहा कि आप अपने समाज के प्रति, राष्ट्र के प्रति और अपने कर्त्तव्यपालन के लिए जिस प्रकार से जागरूक हैं, यह देखकर गर्व होता है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं आप सभी युवा साथियों के ऐसे साहसिक काम के बारे में जब भी सुनता हूं, आपसे बातचीत करता हूं, तो मुझे भी प्रेरणा मिलती है, ऊर्जा मिलती है.’ उन्होंने कहा कि एक प्रकार से यह जिंदगी की शुरुआत है और आपने मुश्किल परिस्थितियों में साहस दिखाया और अलग-अलग क्षेत्रों नें उपलब्धियां प्राप्त की हैं.

पीएम मोदी ने कहा, ‘मैंने लाल किले से कहा था- कर्तव्य पर बल. ज्यादातर हम अधिकार पर बल देते हैं. आप अपने समाज के प्रति, राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्यपालन के प्रति जिस प्रकार से जागरूक हैं, यह देखकर गर्व होता है.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सब कहने को तो बहुत छोटी आयु के हैं, लेकिन आपने जो काम किया है, उसको करने की बात तो छोड़ दीजिए, उसे सोचने में भी बड़े-बड़े लोगों के पसीने छूट जाते हैं. उन्होंने कहा कि आप युवा साथियों के साहसिक कार्यों के बार में जब भी मैं सुनता हूं तो मुझे भी प्रेरणा मिलती है और आप जैसे बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए ही इन राष्ट्रीय पुरस्कारों का दायरा बढ़ाया गया है.

मोदी ने बच्चों से कहा कि आजादी के बाद इस देश में 33,000 पुलिस के जवान हम लोगों की सुरक्षा के लिए शहीद हुए हैं और उस पुलिस के प्रति आदर का भाव बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे समाज में एक बदलाव शुरु हो जाएगा और आप सभी को पुलिस स्मारक देखने जरूर जाना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई पुरस्कार अंतिम आयाम नहीं होता, एक प्रकार से ये जिंदगी की शुरुआत है. आपने मुश्किल परिस्थितियों में साहस दिखाया है और अलग-अलग क्षेत्रों नें उपलब्धियां प्राप्त की है. मोदी ने बच्चों को स्वच्छ पेयजल तथा जूस पीने की सलाह दी और शारीरिक दृष्टि से सक्रिय रहने का भी सुभाव दिया ताकि उन्हें (बच्चों को) दवा नहीं खाना पड़े. राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं में 12 वर्षीय दर्श मलानी भी शामिल हैं जिन्होंने दुनिया भर में 50 मैजिक शो किए हैं और इसमें 11 वर्षीय मनोज कुमार लोहार भी शामिल है जिन्होंने तबला वादन में महारत हासिल की है.