Shaheen Bagh Protest: नयी दिल्ली: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (National Commission for Protection of Child Rights) ने प्रशासन से कहा है कि दिल्ली के शाहीन बाग (Protest Against CAA at Shaheen Bagh) में संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ प्रदर्शनों में देखे गए गए बच्चों की पहचान करके उनकी काउंसलिंग की जाए. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

एनसीपीसीआर ने दक्षिण पूर्वी दिल्ली के जिला अधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि संभव है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे बच्चों को ‘अफवाहों और गलत जानकारी’ के कारण मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा हो. आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा, ‘‘हमें शिकायत मिली है कि बच्चों के दिमाग में यह घर कर दिया गया है कि वे दस्तावेज नहीं दिखा पाएंगे. Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

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इस शिकायत पर कदम उठाते हुए हमने जिला अधिकारी को पत्र लिखा और कहा कि बच्चों की पहचान की जाए और उनकी काउसंलिंग की जाए.’’ गौरतलब है कि सीएए और एनआरसी के खिलाफ शाहीन बाग में पिछले एक महीने से लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इसी बीच लखनऊ में अखिलेश यादव की 14 साल की बेटी टीना यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुईं. टीना का प्रदर्शन में शामिल होना चर्चा का विषय बना हुआ है.