नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) को दूसरी बार समन देने पर बुधवार को नाराजगी जाहिर की. एक दिन पहले एजेंसी ने उनसे 6 घंटे तक पूछताछ की थी. पार्टी ने ‘असंतोष के किसी भी आवाज को दबाने’ के एजेंडे के लिए सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने ईडी के समन के बार में कहा कि इसका उद्देश्य फारूक अब्दुल्ला की जम्मू-कश्मीर में मुख्य धारा के राजनीतिक दलों के बीच एकता कायम करने के प्रयास को रोकना है. Also Read - जम्मू में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का मकान अतिक्रमण वाली जमीन पर बना है: J&K प्रशासन

बार-बार ईडी द्वारा समन भेजने को दबाव बनाने की चाल करार देते हुए उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, ‘क्या ईडी भूल गया कि उसने छह घंटे की पूछताछ के दौरान संसद के एक 83 वर्षीय सदस्य से पूछताछ की?’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा कितनी बार सीबीआई, ईडी, भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो और अन्य एजेंसियों का इस्तेनमाल विपक्ष को दबाने के लिए करेगी. जो कोई भी सरकार के खिलाफ बोलता है या उसकी विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ साहस जुटाता है, उसे तलब किया जाता है.’ Also Read - ED सीएए विरोधी प्रदर्शनों की जांच करेगा तेज, पीएफआई-भीम आर्मी के 'लिंक' की हो रही छानबीन

इस सप्ताह ईडी द्वारा पूछताछ के लिए फारूक अब्दुल्ला को दूसरी बार बुलाया गया है. इससे पहले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष को सोमवार को ईडी द्वारा पैसे के कथित रूप से दुरुपयोग के एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. फारूक पर आरोप है कि जब वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, तो फंड का दुरुपयोग किया था. Also Read - नेशनल कॉन्फ्रेंस का दावा- फारूक अब्दुल्ला को नमाज पढ़ने के लिए घर से बाहर जाने से रोका गया

(इनपुट: IANS)