नई दिल्ली: भारत में हर साल 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस के मौके पर मनाया जाता है. बता दें कि मौलाना अबुल कलाम का जन्म 11 नवंबर 1888 में हुआ था. आज पूरा देश मौलाना अबुल कलाम आजाद का 131 वां जन्मदिन मना रहा है. साल 2015 में पहली बार सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने शिक्षा के क्षेत्र में मौलाना अबुल कलाम आजाद के योगदान के चलते राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाने का फैसला किया था.

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वर्ष 1950 में मौलाना आजाद की अगुवाई में साहित्य अकादमी, संगीत नाट्य अकादमी, ललित कला अकादमी का गठन किया गया था. अपने कार्यकाल के दौरान मौलाना आजाद ने भारत में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थापना करवाई थी. मौलाना आजाद भारत की आजादी के बाद पहले शिक्षा मंत्री थे. उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान’ (IIT) की स्थापना की थी.

मौलाना आजाद ने आधुनिक विज्ञान के महत्व पर भी जोर दिया था. उनका मानना था कि राष्ट्रीय शिक्षा का तब तक कोई महत्व नहीं है जब तक इसे महिलाओं तक नहीं पहुंचाया जाता. उनका यह भी मानना था कि प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में ही दी जानी चाहिए.