नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी की याचिका पर जवाब देने के लिये कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी और चार अन्य को तीन सप्ताह का समय दिया है. स्वामी ने अपनी याचिका में पार्टी से कुछ दस्तावेज मांगे हैं.

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट लवलीन ने 22 जुलाई तक उन्हें समय दिया जब उनके वकील ने कहा कि उन्हें स्वामी के आवेदन की प्रति नहीं मिली है. स्वामी ने एक निजी शिकायत दायर की है. अदालत ने कांग्रेस नेताओं की याचिकाओं पर विचार किया और स्वामी को निर्देश दिया कि वे उन्हें आवेदन की एक प्रति सौंपें.

स्वामी ने अपनी शिकायत में सोनिया और राहुल गांधी और अन्य पर कोष की धोखाधड़ी और गबन करने का आरोप लगाया है। स्वामी ने आरोप लगाया है कि महज 50 लाख रुपये का भुगतान करके यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये वसूलने का अधिकार हासिल कर लिया जो एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) का कांग्रेस पर बकाया था.

सोनिया, राहुल और अन्य आरोपियोंकांग्रेस सदस्यों मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नाडिस और सुमन दूबे और सैम पित्रोदा ने अपने खिलाफ आरोपों का खंडन किया है. स्वामी ने एजेएल से दस्तावेज मांगे हैं। इसमें रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास दायर बैंक स्टेटमेंट की प्रति, जिस बैठक में कर्ज को शेयर कैपिटल में बदलने का फैसला किया गया उसका ब्योरा, बैलेंस शीट, जिस साल कर्ज मंजूर किया गया था उस साल लेखाकार की रिपोर्ट के साथ लाभ और नुकसान का हिसाब मांगा था.