जम्मू:  जम्मू और कश्मीर सरकार ने 31 मई तक हर हफ्ते दो दिन पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर नागरिक यातायात पर प्रतिबंध लगाया है. इस प्रकार, जम्मू में उधमपुर से कश्मीर के बारामूला तक 270 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात हर रविवार को प्रभावित होगा और बुधवार को इसका इस्तेमाल सुरक्षा काफिले द्वारा किया जाएगा. उधर, लोकसभा चुनावों के मद्देनजर इस निर्णय की घाटी के राजनीतिक दलों ने निंदा की है.

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कथित तौर पर कहा कि इस कदम से लोगों को असुविधा होने की संभावना है. उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यदि आप सप्ताह में दो दिन नागरिक यातायात बंद कर देते हैं तो आप सोच सकते हैं कि इसके परिणाम क्या होंगे. हम एक लोकतंत्र में रह रहे हैं, हम एक सैन्य राज्य में नहीं रह रहे हैं. वे ऐसा कैसे कर सकते हैं? बता दें कि यह फैसला 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के मद्देनजर भी लिया गया है, क्योंकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के काफिले में एक विस्फोटक से लदे वाहन ने एक बस को टक्कर मार दी, जिससे 40 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे.

 

उमर अब्‍दुला ने जताई आपत्ति
उधर इस कदम पर आपत्ति जताते हुए, नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर पोस्ट किया कि क्या प्रशासन में किसी ने भी इस राजमार्ग को बंद करने का आदेश जारी करने की योजना बनाने से पहले अपने दिमाग को लगाया है? जम्मू और कश्मीर, छत्तीसगढ़ या आंध्र प्रदेश नहीं है जहां वैकल्पिक मार्ग हैं, यहां अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करते हैं तो आप घाटी तक पहुँच को बंद कर देते हैं, यह एक लाइफ लाइन है.

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दो दिन सुबह 4 बजे से शाम 5 बजे तक लागू होगा प्रतिबंध
बता दें कि एक अधिकारी ने कहा कि यह उपाय अभी जारी मतदान प्रक्रिया के दौरान फिदायीन आतंकी हमलों की आशंका को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों के काफिलों की निर्बाध आवाजाही में मदद करने के लिए अपनाया गया है. अधिसूचना में कहा गया है कि श्रीनगर, काजीगुंड, जवाहर-सुरंग, बनिहाल और रामबन से होकर गुजरने वाले बारामूला-उधमपुर राजमार्ग पर नागरिक यातायात पर लगा प्रतिबंध प्रभावी होगा. यह प्रतिबंध दो दिन सुबह 4 बजे से शाम 5 बजे तक लागू रहेगा.