हैदराबाद: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के एक दल ने हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के चार आरोपियों के कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की शनिवार को मौके पर जाकर जांच शुरू की. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दल ने महबूबनगर के सरकारी अस्पताल का भी दौरा किया जहां चारों आरोपियों के शव पोस्टमार्टम के बाद रखे गए हैं. एनएचआरसी ने मामले में मुठभेड़ में चार आरोपियों के मारे जाने पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को जांच के आदेश दिये थे.

देश में मानवाधिकार की सर्वोच्च संस्था ने कहा था कि मुठभेड़ चिंता का विषय है और इसकी सावधानीपूर्वक जांच किये जाने की जरूरत है. एनएचआरसी ने कहा, “आयोग की राय है कि इस मामले की जांच बेहद सावधानीपूर्वक किये जाने की जरूरत है. इसी के अनुरूप, उसने अपने महानिदेशक (अन्वेषण) को तत्काल एक तथ्यान्वेषी दल मामले की जांच के लिये मौके पर भेजने को कहा है.”

आयोग के दल के यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर चट्टनपल्ली गांव में मुठभेड़ स्थल तथा शहर के बाहरी इलाके में स्थित टोल प्लाजा का दौरा करने की भी उम्मीद है जहां 27 नवंबर की रात महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म हुआ था. चारों आरोपियों का पोस्टमार्टम महबूबनगर जिले के सरकारी जिला अस्पताल में हुआ और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है.

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वह चारों आरोपियों के शव नौ दिसंबर को रात आठ बजे तक सुरक्षित रखे. हैदराबाद के निकट शुक्रवार अलस्सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में चारों अपराधी मार गिराए गए थे. इन चारों को 25 वर्षीय महिला से कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या के आरोप में 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था.

(इनपुट भाषा)