नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को मंगलवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल लाया गया. जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकवादी समूहों को आर्थिक मदद देने से जुड़े एक मामले के संबंध में एनआईए द्वारा उनका प्रोडक्शन रिमांड हासिल कर लेने के बाद मलिक को यहां लाया गया.

 

मलिक को पिछले महीने गिरफ्तार कर जम्मू की कोट बलवाल जेल भेज दिया गया था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उनके संगठन के वित्तपोषण को लेकर उनसे सवाल-जवाब करेगी. जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने तीन दशक पुराने मामलों को फिर से खोलने की सीबीआई की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इन मामलों में मलिक एक आरोपी हैं.

कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद फैलाने वाले यासीन मलिक के संगठन JKLF पर सरकार ने लगाया बैन

इन मामलों में शामिल होने का आरोप
जेकेएलएफ प्रमुख पर तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद का 1989 में अपहरण करने और 1990 के शुरुआती वक्त में भारतीय वायुसेना के चार कर्मियों की हत्या में कथित तौर पर शामिल होने का आरोप है. एनआईए ने जम्मू की विशेष अदालत का रुख कर आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में मलिक को हिरासत में लेकर जांच करने की मांग की थी. जेकेएलएफ को हाल में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत प्रतिबंधित किया गया था.