नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है जिसमें भारत को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश बताया गया था. राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा कि ये सच नहीं है कि भारत में महिलाएं असुरक्षित हैं. शर्मा ने कहा, ”हां ये सच है कि पिछले कुछ समय में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के मामलों में एफआईआर की संख्या बढ़ी है लेकिन इस बात पर यकीन नहीं किया जा सकता कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में भारत नंबर वन हो. कई सारे देश ऐसे हैं जहां स्थिति बदतर है.”

कांग्रेस ने बोला था हमला
कांग्रेस पार्टी ने इस पोल को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, हमारे पीएम अपने बगीचे में योगा के वीडियो बनाते हैं, महिलाओं के खिलाफ रेप और हिंसा मामले में भारत, अफगानिस्तान, सीरिया और सऊदी अरबिया का अगुवा बना हुआ है. देश के लिए यह शर्म की बात है.

ऑल इंडिया महिला कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से भी इसे भारत के लिए शर्मनाक बताया गया है. महिला कांग्रेस ने ट्वीट किया, नरेंद्र मोदी सरकार में आपका स्वागत है जिनकी लीडरशिप में भारत नो वूमन लैंड बन गया है. महिलाओं के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हालात. बीजेपी सरकार में कानून और व्यवस्था खराब. इस सरकार में भारत महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश बन गया है.

क्या था रिपोर्ट में?
विदेशी न्यूज एजेंसी थॉमसन रायटर्स फाउंडेशन द्वारा करवाए गए इस एक पोल में भारत को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश बताया गया था. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि पूरी दुनिया में भारत एक ऐसा देश है जहां महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध होते हैं. इस पोल में भारत से बदतर स्थिति में रह रहे देशों को भी पीछे रखा गया है.

इस पोल में युद्धग्रस्त अफगानिस्तान को दूसरा और सीरिया को तीसरा स्थान मिला है. इसके बाद सोमालिया और सऊदी अरब का नंबर है. दावा किया गया है कि इस सर्वे में महिलाओं के मामले से जुड़े 550 विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया है.

इस सूची में एकमात्र पश्चिमी देश अमेरिका है जिसे टॉप 10 में रखा गया है. जवाब देने वालों ने यौन हिंसा, शोषण और सेक्स के लिए मजबूर करने के मामले में अमेरिका को संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रखा है.