चंडीगढ़: कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पूर्व विभाग से महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें गायब हो चुकी हैं. इस बड़ी गड़बड़ी में एक फाइल मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के 1,144 करोड़ रुपये के लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले से जुड़ी है. लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट की दूसरी गायब फाइलों में लुधियाना में कृषि भूमि पर अनधिकृत निर्माण से संबंधित शामिल है.

विजलेंस ब्यूरो ने पहले ही अमरिंदर सिंह, उनके बेटे रनिंदर सिंह व अन्य को लुधियाना सिंटी सेंटर घोटाले में क्लीन चिट दे दिया है. सिद्धू को 6 जून को लोकल गवर्नमेंट व पर्यटन व संस्कृति मामले के पोर्टफोलियो से हटा दिया गया और कैबिनेट फेरबदल में बिजली व नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्रालय दिया गया. यह फेरबदल लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद किया गया था.

विश्वास मत का समय तय करने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कुमारस्वामी, कहा- राज्यपाल के ‘प्रेम पत्र’ ने किया निराश

हालांकि, कैबिनेट फेरबदल के बाद अमरिंदर सिंह व सिद्धू के बीच मतभेद गहरा गए और सिद्धू ने 14 जुलाई को बिजली व नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया. इस पोर्टफोलियो का उन्होंने प्रभार नहीं संभाला था. उनके इस्तीफे को अब तक मुख्यमंत्री ने स्वीकार नहीं किया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “फाइलों का पता लगाने के लिए प्रयास जारी है. हम सिद्धू से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें इस बारे में जानकारी हो सकती है.”

लोकल गवर्नमेंट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने गायब फाइलों के लिए विभागीय जांच का अदेश दिया है, जिसमें लुधियाना में लक्जरी अपार्टमेंट परियोजना को मंजूरी दिए जाने की भी फाइल है. सिद्धू से संपर्क नहीं हो सका.