चंडीगढ़: लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब के शहरी इलाकों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारण मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की नाराजगी का शिकार हुए राज्य के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू चुनाव के बाद पहली कैबिनेट बैठक में गुरुवार को शामिल नहीं हुए और उन्होंने कहा कि उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता. सिद्दू ने कहा कि लोकसभा चुनाव में शहरी सीटें पंजाब में कांग्रेस की जीत में निर्णायक रहीं हैं. मुख्‍यमंत्री ने मुझे दो सीटों की जिम्‍मेदारी दी थी. इन दो जिलों में हमारी बड़ी रही. यह सामूहिक जिम्‍मेदारी है. मेरा विभाग सिर्फ पब्‍लिसिटी के लिए है. किसी को चीजें समग्र और सही परिप्रेक्ष्‍य में देखने की जरूरत है. मुझे हल्‍के में नहीं लिया जा सकता है. मैं लगातार एक परफॉर्मर रहा हूं. मैं पंजाब के लोगों के प्रति जवाबदेह हूं. Also Read - Chhattisgarh: महिला नक्सली की आत्महत्या को लेकर विपक्ष ने विधानसभा में मचाया हंगामा

बता दें आम चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से आठ सीटों में जीत हासिल की थी. शिअद-भाजपा को चार और आप को एक सीट मिली थी. Also Read - LIVE Delhi MCD By-Election Result 2021: दिल्ली उपचुनाव में AAP की शानदार जीत, भाजपा को मिली करारी हार

अमरिंदर ने हाल ही में कहा था कि वह लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को देखकर सिद्धू का स्थानीय शासन विभाग बदलना चाहते हैं. सिद्धू ने मीडियाकर्मियों से कहा, ” मुझे हल्के में नहीं लिया जा सकता. मैंने अपने जीवन के 40 साल तक अच्छा प्रदर्शन करके दिखाया है, भले ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात हो या ज्योफ्री बॉयकाट के साथ विश्वस्तरीय कमेंट्री की बात, टीवी कार्यक्रम की बात हो या प्रेरक वार्ता का मामला हो.

पंजाब सरकार के मंत्री ने कहा कि पंजाब में पार्टी की जीत में शहरी इलाकों ने अहम भूमिका निभाई और उनके विभाग पर निशाना साधा जा रहा है. सिद्धू ने कहा, केवल मेरे विभाग पर सार्वजनिक तौर पर निशाना साधा जा रहा हैं. मैं हमेशा मुझसे बड़ा होने के नाते उनका सम्मान करता हूं. मैं हमेशा उनकी बात सुनता हूं. लेकिन इससे दुख पहुंचता है. सामूहिक जिम्मेदारी कहां गई? वह मुझे बुलाकर वह सब कह सकते थे, जो वह कहना चाहते थे.