नई दिल्ली: अपने पाकिस्तान दौरे को लेकर कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि करतारपुर साहिब गलियारा के शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वहां भेजा था. हालांकि बाद वह अपने ही दिए बयान से मुकर गए. उन्होंने शुक्रवार रात ट्वीट किया, राहुल गांधी ने मुझे कभी भी पाकिस्तान जाने के लिए नहीं कहा. कुछ भी परोसने से पहले फैक्ट चेक कर लें, पूरी दुनिया जानती है कि मैं पीएम इमरान खान के व्यक्तिगत बुलावे पर पाकिस्तान गया था. Also Read - ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिका को दवा भेजने पर राहुल गांधी ने कहा- मदद की जाए, लेकिन...

इससे पहले सिद्दू ने अपने पाकिस्तान दौरे को लेकर बढ़ते विवाद के बीच शुक्रवार को कहा कि करतारपुर साहिब गलियारा के शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वहां भेजा था और इसलिए वही उनके ‘कप्तान’ हैं. सिद्धू के दौरे से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह चिढ़े हुए हैं, उन्होंने कहा था कि अपने मंत्रिमंडल के सदस्य सिद्धू को उन्होंने अमृतसर में एक धार्मिक कार्यक्रम पर ग्रेनेड हमले में तीन लोगों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान जाने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया. सिंह ने इस हमले के लिये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को जिम्मेदार बताया था. Also Read - अब विदेश मंत्रालय प्रवक्ता होंगे अनुराग श्रीवास्तव, इस देश में रह चुके हैं भारत के राजदूत

सिद्धू से जब उनके पाकिस्तान दौरे पर अमरिंदर सिंह की असहमति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने यहां कहा, ‘राहुल गांधी मेरे कप्तान हैं. मुझे उन्होंने ही पाकिस्तान भेजा था. राहुल गांधी कैप्टन (अमरिंदर सिंह) के भी कैप्टन हैं. उन्होंने कहा कि शशि थरूर, हरीश रावत और रणदीप सुरजेवाला सहित 50 से 100 कांग्रेसी नेताओं ने इस दौरे के लिए उनकी पीठ थपथपाई. कांग्रेस नेता ने हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री को ‘पिता-तुल्य’ करार दिया.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान खान की ‘गुगली’ के दबाव में करतारपुर समारोह में भारत को अपने दो मंत्रियों को भेजना पड़ा, इसके बारे में पूछने पर सिद्धू ने कहा, ‘आप एक बल्लेबाज को कैसे गुगली फेंकते हैं . मैने कभी ऐसी गेंद नहीं छोड़ी. खालिस्तान नेता गोपाल सिंह चावला के साथ तस्वीर विवाद पर पंजाब के मंत्री ने कहा कि दस हजार लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली और वह उस व्यक्ति को नहीं जानते हैं .उन्होंने कहा, ‘जब दस हजार लोग आपके साथ सेल्फी ले रहे हैं तो आपको कैसे पता चलेगा कि चावला कौन है ? कैसे ? यह पूरी तरह बकवास है. पिछली बार जब मैं पाकिस्तान गया था, मैं किसी के साथ बैठा था वह भी विवादास्पद था.

सिद्धू ने कहा, ‘क्या मुझे देखना है कि मैं कहां बैठा हूं, जब आप दूसरे देश में जा रहे हैं तो आपकी देख रेख वे करते हैं. मेरे पास कोई आ सकता है….मैं उसका दिल नहीं तोड़ सकता हूं….यहां आओ और एक तस्वीर लो. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की पहचान चावला के रूप में की गई है वह पूरे दौरे में ‘हर जगह’ मौजूद था . वह केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ भी था. यह पूछे जाने पर कि इमरान खान ने कहा है कि वह(सिद्धू) पाकिस्तान में आसानी से चुनाव जीत सकते हैं, कांग्रेस नेता ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के कहने का मतलब था कि वह (सिद्धू) उस देश में भी बहुत लोकप्रिय हैं और इसलिए वहां की आवाम उन्हें प्यार करती है . उन्होंने कहा, ‘मैने यहां छह चुनाव जीते हैं. एक लोकिप्रिय व्यक्ति ही छह चुनाव जीत सकता है. स्मृति इरानी (केंद्रीय मंत्री) से पूछिये कितने चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की है.