नई दिल्ली: पिछले तीन दिन से समुद्र में अपनी नाव पर अकेले जिंदगी की जंग लड़ रहे भारतीय नौसेना के कमांडर अभिलाष टॉमी को बचा लिया गया है. भारतीय नौसेना के कीर्ति चक्र से सम्मानित कमांडर अभिलाष टॉमी को सोमवार को दक्षिणी हिंद महासागर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. गोल्डन ग्लोब में हिस्सा लेने के दौरान समुद्र में तेज लहरें उठने से उनकी नाव का पोल टूट गया था. इसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. वह तीन दिन से घायल अपनी नाव में समुद्र में फंसे हुए थे. Also Read - मैदान पर बेहद प्रतिस्पर्धी लेकिन मैदान के बाहर एकदम अलग शख्स हैं विराट कोहली: जम्पा

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गोल्डन ग्लोब समुद्री मार्ग से पूरी दुनिया का चक्कर काटने वाली रेस है, जिसमें प्रतिभागी अपने नाव पर अकेले होते हैं. इस साल यह प्रतियोगिता एक जुलाई को फ्रांस से शुरू हुई थी. टॉमी का नाव पर्थ से 1,900 नॉटिकल मील की दूरी पर तूफान की वजह से हादसे का शिकार हो गया था. हादसा उस समय हुआ जब हवा की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी और समुद्र में 10 मीटर तक ऊपर लहरें उठ रही थीं.

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रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण हिंद महासागर को पार करते वक्त अभिलाष का सामना तूफान से हुआ. तूफान की वजह से मध्य धारा में 14 मीटर ऊंची लहरें उठ रही थीं. अभिलाष की पाल नौका को इन लहरों से गहरी क्षति पहुंची और वह खुद भी पीठ में गहरी चोट लगने से घायल हो गए. उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना के पी8आई विमान ने अभिलाष की ‘अत्यंत क्षतिग्रस्त हो चुकी’ नौका को देखा. इस विमान ने रविवार को तड़के मॉरीशस से तड़के उड़ान भरी थी.

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प्रवक्ता ने बताया कि जब विमान नौका के ऊपर से उड़ा तब कमांडर टॉमी ने इमरजेंसी पोजिशन इंडिकेटिंग रेडियो बीकॅन (ईपीआईआरबी) से संकेत दिया. इमरजेंसी पोजिशन इंडिकेटिंग रेडियो बीकॉन (ईपीआईआरबी) एक यंत्र है जिसमें समुद्र में हादसे के मामलों में बचाव के लिए बचाव सेवाओं को संकेत दिया जाता है. उन्होंने बताया कि क्षेत्र से भारी बारिश की खबर मिली है. करीब तीन-चार घंटे बाद विमान वापस गया और अभिलाष को बचाया गया. अभिषेक ने रविवार को फ्रांस में रेस के आयोजकों से संपर्क स्थापित कर संदेश दिया था कि वह हिल नहीं पा रहे हैं और उन्हें स्ट्रेचर चाहिए.

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अधिकारियों ने बताया कि टॉमी अपने दुर्घटनाग्रस्त नाव थूरिया पर गंभीर चोट के साथ जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे. इस बचाव मिशन की देखरेख ऑस्ट्रेलिया रेस्क्यू कॉर्डिनेशन सेंटर सहित कई अन्य एजेंसियां ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विभाग और भारतीय नौसेना की सहायता से कर रही थीं. अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना ने बचाव मिशन के लिए अपना पी-8आई विमान तैनात कर रखा था. इस अभियान में फ्रांस का पोत ओसिरिस भी तैनात किया गया था. कमांडर अभिलाष टॉमी के लिए पूरे देश में लोग दुआएं मांग रहे थे. कमांडर अभिलाष इससे पहले भी एक बार बिना रुके दुनिया का चक्कर लगा चुके हैं. उन्हें इस रेस में हिस्सा लेने के लिए विशेष सदस्य के तौर पर आमंत्रित किया गया है.