नई दिल्ली: नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने मंगलवार को कहा कि नौसेना 41 पोत खरीद रही है और उसकी दीर्घकालीन योजना है कि नौसेना के पास तीन विमानवाहक पोत हों. एडमिरल सिंह ने वार्षिक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में देश को आश्वस्त किया कि नौसेना राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

एडमिरल सिंह ने कहा, एक नेवी चीफ के तौर पर मैं मानता हूं कि देश को तीन विमान वाहक पोतों की जरूरत है. अभी दो ऑपरेशनल हैं. मेरा सोचना है कि इसे 65,000 टन के साथ ही इले इलेक्‍ट्रोमैग्‍नेटिक प्रोपल्‍शन होना चाहिए.

नेवी प्रमुख ने कहा, हमारे पास पहला स्‍वदेश निर्मित एयरक्राफ्ट कॅरियर IAC-1 साल 2022 तक पूरी तरह से ऑपरेशनल  हो जाएगा और यह MIG-29k के साथ संचालित होगा. एडमिरल करमबीर सिंह ने भारतीय नौसेना के 50 युद्धपोत और पनडुब्बियां निर्माणाधीन हैं, जिनमें से 48 भारतीय शिपयार्ड में ऑर्डर पर हैं.

नौसेना के लिए लाइट कम्‍बैट एयरक्राफ्ट ((LCA) की जरूरत पर नेवी चीफ एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा, नेवी को पहले एलसीए का सपोर्ट दिया जाना था. अब डीआरडीओ दो इंजन वाले डेक पर आधारित विमान हमें चाहता है और यदि इन्‍होंने हमारी जरूरत और समयसीमा के भीतर इसे दे दिया तो हम इसे लेंगें.

नेवी प्रमुख सिंह ने दिल्‍ली में नौसैनिक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, अमेरिका से 24 एमएच-60 आर मल्‍टी-रोल हेलिकॉप्‍टर लेटर ऑफ एक्‍सेप्‍टेंस (एओए) यहां है और जल्‍द ही इस पर साइन होने की उम्‍मीद है.

पड़ोसी देशों से मिल रही चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसी और देश की नौसैन्य गतिविधि का हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए. उन्होंने कहा, हम समान विचार वाले देशों के साथ क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार हैं. एडमिरल सिंह ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में सात से आठ चीनी पोत आम तौर पर मौजूद रहते हैं.

एडमिरल करमबीर सिंह ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में नौसेना का वार्षिक बजट आवंटन 18 प्रतिशत से घटकर 12 प्रतिशत पर आ गया है.