नवाज शरीफ : दक्षिण एशिया विवाद मुक्त हो

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को यहां दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए दक्षिण एशिया को विवाद मुक्त बनाने का आह्वान किया और भरोसे के संबंध बनाने पर जोर दिया

Published: November 26, 2014, 2:07 PM IST

काठमांडू, 26 नवंबर | पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को यहां दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए दक्षिण एशिया को विवाद मुक्त बनाने का आह्वान किया और भरोसे के संबंध बनाने पर जोर दिया। शरीफ ने दक्षिण एशिया को विवाद मुक्त बनाने पर जोर दिया और कहा कि दक्षिण एशियाई देशों को गरीबी, बीमारियों और निरक्षरता से लड़ना चाहिए।

शरीफ ने कहा, “हमें भरोसे के संबंधों की जरूरत है, ताकि हम समृद्ध हो सकें।” उन्होंने दक्षेस के अगले शिखर सम्मेलन का आयोजन पाकिस्तान में करने की पेशकश भी की। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश क्षेत्रीय सहयोग के लिए दक्षेस के साथ खड़ा है।  उन्होंने कहा, “पाकिस्तान दक्षेस को बहुत महत्ता देता है। यहां की आबादी का पांचवां हिस्सा 15-24 वर्ष उम्र के बीच है, लेकिन यहां दुनिया के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का केवल तीन फीसदी हिस्सा ही यहां आता है और इस क्षेत्र में एकता का स्तर न्यूनतम है।”

उन्होंने कहा कि जन-केंद्रित नीतियां गरीबी भी कम कर सकती हैं और महिलाओं जैसे कमजोर समूहों को सशक्त बना सकती हैं। शरीफ ने कहा कि सभी दक्षिण एशियाई देशों में जीवंत लोकतंत्र है। उन्होंने सतत विकास के लिए सभी देशों से उनके अनुभव, श्रेष्ठ कार्यो एवं संस्थागत संपर्क साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “दक्षिण एशिया का अल्प विकास, काफी हद तक ऊर्जा की कमी से जुड़ा है। हमें स्वदेशी ऊर्जा के दोहन के साथ-साथ क्षेत्र के बाहर के गैस और ईंधन पाइप लाइनों के दोहन पर सामूहिक रूप से ध्यान देने की जरूरत है।”

बांग्लादेश में वर्ष 1985 में गठित दक्षेस, आठ दक्षिण एशियाई देशों का क्षेत्रीय संघ है, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान एवं श्रीलंका शामिल हैं। अफगानिस्तान वर्ष 2007 में दक्षेस का आठवां सदस्य बना था।

संबंधित खबरे

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.