नई दिल्ली: नए साल के आगाज के पहले, मादक पदार्थ गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एनसीबी ने दिल्ली -एनसीआर के अग्रणी संस्थानों – डीयू, जेएनयू और एमिटी विश्वविद्यालय के चार छात्रों को गिरफ्तार किया है. एजेंसी ने 28 दिसंबर को शुरू तीन दिवसीय अभियान का अंत करते हुए बताया कि 1.14 किग्रा चरस और तीन एलएसडी ब्लॉट पेपर्स की जब्ती की गयी . दिल्ली विश्वविद्यलाय के नॉर्थ कैम्पस और इसी तरह के अन्य स्थानों पर नए साल की पार्टी में छात्रों के बीच इसकी आपूर्ति की जानी थी. Also Read - मुंबई में NCB की बड़ी कार्रवाई, दाऊद से जुड़े ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 12 किलोग्राम से ज्यादा मादक पदार्थ किया बरामद

नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की दिल्ली क्षेत्र की इकाई ने चारों की पहचान प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के छात्रों के रूप में की है. दो छात्र हिंदू कॉलेज के हैं और एक-एक छात्र जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और एमिटी विश्वविद्यालय के हैं. छात्रों को नशीले पदार्थों की रोकथाम संबंधी कानून एनडीपीएस के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया. Also Read - Drugs मामले में दामाद की गिरफ्तारी पर नवाब मलिक बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं

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एनसीबी के उप महानिदेशक (उत्तर) एस के झा ने बताया, ‘‘अनिरुद्ध माथुर (22) , तेनजिन फुनचोंग(23) और सैम मलिक सभी चरस लेने के आदी हैं और वे गौरव कुमार (22) से चरस लेते थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन लोगों ने यह भी बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय कैम्पस क्षेत्र में मादक पदार्थ बड़े स्तर पर लिए जाते हैं. उन्होंने इस गिरोह में शामिल मादक पदार्थों के तस्करों तथा अन्य के बारे में भी सूचना दी जिसकी पुष्टि की जा रही है.’’ हिंदू कॉलेज के बीए अर्थशास्त्र (प्रतिष्ठा) के छात्र गौरव का नाम इस गिरोह के सरगना के रूप में सामने आया है. उन्होंने कहा कि इन छात्रों को चरस की कथित रूप से आपूर्ति हिमाचल प्रदेश से की जा रही थी .

एनसीबी ने दावा किया कि ये सभी छात्र नशे के आदी हैं और मादक द्रव्यों की आपूर्ति भी करते हैं . हालिया समय में दिल्ली के कॉलेजों में नशीले पदार्थों के खिलाफ इसे बड़ा अभियान बताते हुए एनसीबी की महानिदेशक रीना मित्रा ने पीटीआई को बताया कि एजेंसी इस समस्या को पूरी तरह खत्म करने की मुहिम के तहत छात्रों के बीच नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है.