नई दिल्ली: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में किया गया काम अब अपना असर दिखाने लगा है. एनसीईआरटी द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ने की क्षमता में सुधार हुआ है. Also Read - कोरोना महामारी के बीच दिल्ली सरकार ने शुरू किया 'Learning with human feel', स्कूल बंद के दौरान भी जारी रहेगा पढ़ाई 

दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले तीसरी से नौवीं कक्षा के छात्रों की किताबें पढ़ने की क्षमता में पिछले एक वर्ष में अच्छी खासी वृद्धि हुई है और अब करीब 63 फीसदी बच्चे अपनी किताबें पढ़ सकते हैं. एनसीईआरटी की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट ‘नेशनल एचीवमेंट सर्वे 2017’ के अनुसार, पिछले वर्ष तक महज 48 फीसदी बच्चे अपनी किताबें पढ़ पाते थे. Also Read - Delhi Coronavirus News 2 July 2020: दिल्ली में प्लाज्मा बैंक शुरू, जानिए कौन लोग दान कर सकते हैं प्लाज्मा

एनसीईआरटी के सर्वेक्षण के बाद आप सरकार ने इस वर्ष अप्रैल में ‘मिशन बुनियाद’ शुरू किया था. इस योजना का लक्ष्य तीसरी से नौवीं कक्षा तक के सभी बच्चों को पढ़ना, लिखना और गणित के सामान्य प्रश्न हल करना सिखाना था. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मिशन बुनियाद के फायदों को सोमवार को सार्वजनिक किया. इसके अनुसार बच्चों की किताबें पढ़ने की क्षमता में वृद्धि हुई है.

रिपोर्ट के अनुसार, मिशन बुनियाद से पहले दिल्ली सरकार के स्कूलों के तीसरी से नौवीं कक्षा तक के करीब 48 प्रतिशत बच्चे किताबें पढ़ सकते थे. अब 63 प्रतिशत बच्चे किताबें पढ़ सकते हैं. इसी तरह गणित में भाग संबंधी प्रश्नों को हल करने वाले बच्चों की संख्या 54 प्रतिशत से बढ़ कर 71 प्रतिशत हो गई है.