नई दिल्लीः एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस ने महाराष्ट्र की नई सरकार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और इस पूरे मामले में थोड़ी देर में सुनवाई शुरू होगी. कोर्ट में सुनवाई से पहले महाराष्ट्र के सियासी हालात पल पहल बदल रहे है. जहां शिवसेना और एनसीपी यह कह रही हैं कि भाजपा बहुमत नहीं साबित कर पाएगी वहीं भाजपा का कहना है कि उसके पास 170 से अधिक विधायकों का समर्थन है.

सुप्रीम सुनवाई से पहले एनसीपी नेता और राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार ने चर्चगेट स्थित अपने घर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. समर्थकों ने अजित पवार को मिठाई खिलाई. इससे पहले भाजपा सांसद संजय काकडे ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की. ऐसे अहम मौके से पहले उनकी इस मुलाकात के कई सारे राजनीतिक मतलब समझे जा रहे है.

महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ दायर इस याचिका कि सुनवाई तीन जजों की बेंच करेंगी. एनसीपी शिवसेना और कांग्रेस की तरफ से कपिल सिब्बल बात रखेंगे. आपको बता दें कि रविवार सुबह से पहले तीनों ही पार्टियां पूरी रात अपने विधायकों को एक स्थान से दूसरे स्थान शिफ्ट करने में लगे रहे. सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद एनसीपी दोपहर बाद अपने विधायकों के साथ बैठक करेगी.


महाराष्ट्र के राजनीति में इस समय पूरे देश की नजरे टिकी हुई हैं और सब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर कार सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेगा. दूसरी तरफ भाजपा नेता आशीष शेलार ने कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले कहा है कि हम तीस नवंबर को बहुमत हासिल कर देंगे. अगर शिवसेना की बात करें तो संजय राउत लगातार देवेंद्र फडणवीस सरकार पर हमला कर रहे हैं उन्होंने कहा कि यह भाजपा का आखिरी दाव था और भाजपा अपने ही खेल में फंस गई है.