नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सरकार बनाने के मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है. थोड़ी ही देर बाद ठीक 10. 30 बजे सुप्रीम कोर्ट में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सुनवाई शुरू होगी. इससे पहले 24 नवम्बर रविवार को सुनवाई हुई थी. बीजेपी ने अजित पवार के समर्थन के बाद महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी. देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की शपथ भी ले ली थी. उनके साथ ही एनसीपी नेता अजित पवार ने भी डिप्टी सीएम की शपथ ली थी. आज दोनों नेता अपना कार्यभार सँभालने की तैयारी कर रहे हैं. 23 नवम्बर की रात भर में गुपचुप तरीके से बनी सरकार को लेकर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे. 24 नवंबर को रविवार होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. इस मामले में आज फिर से सुनवाई होगी. इस मामले को लेकर जस्टिस रमना, अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच सुनवाई कर रही है. कांग्रेस के तरफ से कपिल सिब्बल और अशोक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रख रहे हैं. बीजेपी की ओर से मुकुल रोहतगी पक्ष रख रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट में कल क्या हुआ था 

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए इस पूरे मामले में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था. केंद्र सरकार आज सुनवाई के दौरान अपना जवाब दाखिल करेगी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से राज्यपाल का आदेश और समर्थन पत्र भी मांगा था. एक दिन पहले ही शपथ लेकर फिर से सीएम बने देवेंद्र फडणवीस के साथ ही डिप्टी सीएम बने अजित पवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया था.

वहीं, इस पूरे मामले को लेकर जस्टिस रमन्ना ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि सदन में बहुमत साबित करना ही पड़ेगा. प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल किसी को अचानक नियुक्त नहीं कर सकते. हर प्रक्रिया के लिए एक नियमित समय होता है. नियम तय है.

रविवार को सुनवाई शुरू होते ही कपिल सिब्बल ने रविवार को छुट्टी के दिन सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी थी. इस पर जजों ने कहा कि कोई बात नहीं, ये हमारी ड्यूटी है.

कपिल सिब्बल ने मांग की थी कि रविवार को ही फ्लोर टेस्ट कराया जाए. हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं. शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी इसके लिए तैयार है. कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा था कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम भी तैयार किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत फ्लोर टेस्ट की मांग को नहीं माना था.

कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि महाराष्ट्र के राज्यपाल ने पक्षपात पूर्ण कार्यवाही की. कपिल सिब्बल ने आज ही फ्लोर टेस्ट की मांग की. कपिल सिब्बल ने कहा कि रात में ही राष्ट्रपति शासन हटाना विचित्र है.

कांग्रेस शिवसेना और एनसीपी की ओर से ही अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा था कि अजित पवार द्वारा राज्यपाल को दिया गया समर्थन पत्र गैर कानूनी है. एनसीपी के 41 विधायकों ने अजित पवार को अपना नेता नहीं माना.जोड़-तोड़ को रोकने के लिए आज ही फ्लोर टेस्ट बेहद ज़रूर है. अजित पवार डिप्टी सीएम कैसे बने रह सकते हैं.

– सुप्रीम कोर्ट में आज क्या होगा और क्या हो सकता है

आज सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र के राज्यपाल की चिट्ठी पेश की जाएगी.
अजित पवार का समर्थन पत्र पेश किया जाएगा.
फडणवीस का समर्थन पत्र भी पेश होगा.
केंद्र सरकार इस पूरे मामले में नोटिस का जवाब देगी.
सुप्रीम कोर्ट फ्लोर टेस्ट के लिए कहा जा सकता है.