मुंबई: उच्चतम न्यायालय द्वारा अयोध्या भूमि विवाद मामले में फैसला अगले महीने देने की संभावना के बीच राकांपा प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को कहा कि ‘कुछ ताकतें’ देश में स्थिति का लाभ उठाते हुए समुदायों के बीच दरार डालने की कोशिश कर सकती हैं. उन्होंने समाज के सभी वर्गों में शांति कायम रखने की बात कही. पवार ने यह टिप्पणी राकांपा विधायकों की बैठक में की. इन विधायकों ने अजीत पवार को विधायक दल का नेता चुना है.

दशकों पुराने भूमि विवाद का हवाला देते हुए पवार ने कहा कि राम जन्मभूमि देश के बड़े तबके के लोगों के लिए आस्था का विषय है. वहीं, 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने को लेकर देश के अल्पसंख्यकों में अलग तरह की भावना है. पवार ने कहा, ‘‘ मैं अल्पसंख्यकों में यह भावना देखता हूं कि न्यायपालिका जो भी फैसला देगी, वे स्वीकार करेंगे. समाज में शांति बनी रहे, इसके लिए कदम उठाने की जरूरत है.’’

उन्होंने कहा कि इस मौके का फायदा कुछ ताकतें उठा सकती हैं और समुदायों में दरार डालने की कोशिश कर सकती हैं. हालांकि, राकांपा नेता ने ‘ताकत’ का नाम नहीं लिया. अयोध्या भूमि विवाद मामले में शीर्ष अदालत ने 16 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

एनसीपी विधायक दल के नेता चुने गए महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार

वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार बुधवार को यहां राकांपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में आमराय से पार्टी के विधायक दल का फिर से नेता चुन लिये गये. बैठक में पार्टी अध्यक्ष शरद पवार, प्रदेश इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल, वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल और सांसद सुप्रिया सुले, सुनील तटकरे, अमोल कोल्हे और श्रीनिवास पाटिल शरीक हुए. जयंत पाटिल ने बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नव निर्वाचित विधायकों ने अजीत पवार को आमराय से विधायक दल का नेता चुना है.