नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहा सियासी बवाल लगातार जारी है. 23 नवंबर को बीजेपी के साथ जाकर सबको चौंकाने वाले एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है. अजित पवार के समर्थन से बीजेपी ने महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी. देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की तो अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ भी ले ले थी. 27 नवंबर यानी बुधवार को फ्लोर टेस्ट होना है, लेकिन इससे पहले ही अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया है.

सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी इस्तीफा दे सकते हैं. बताया जा रहा है कि दोपहर 3:30 बजे देवेंद्र फडणवीस मीडिया से मुखातिब होने वाले हैं, जिसमें वह कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं. अटकलें हैं कि फडणवीस भी इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं. इधर, नई दिल्ली में महाराष्ट्र के हालात पर पीएम मोदी और अमित शाह की मीटिंग भी हुई है. इस बैठक में बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे.

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22 नवंबर की रात गुपचुप तरीके से महाराष्ट्र में बीजेपी ने सरकार ली थी. रात 12 बजे के बाद से चले घटनाक्रम में राज्य से राष्ट्रपति शासन भी हटा दिया गया था. और 23 नवंबर की सुबह देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की शपथ भी ले ली थी. एनसीपी से बगावत करके बीजेपी को समर्थन देने वाले अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया था. अजित पवार ने 54 विधायकों की लिस्ट सौंपी थी. दावा था कि लगभग सभी एनसीपी विधायक उनके साथ हैं. इस आधार पर राज्यपाल ने बीजेपी की सरकार बनवा दी थी. जबकि एक दिन पहले तक शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी सरकार बनाने की योजना बना रहे थे, इसी बीच सुबह जब सब सोकर उठे तब तक बीजेपी की सरकार भी बन चुकी थी. महाराष्ट्र  की सियासत में अचानक आए इस तूफ़ान ने सभी को सकते में डाल दिया था.

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महाराष्ट्र में गुपचुप तरीके से सरकार बनाने के मामले को लेकर 23 नवंबर को ही कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया था. सुप्रीम कोर्ट में दो दिन तक इस मामले की सुनवाई चली. 24 नवंबर को रविवार होते हुए भी इस मामले की सुनवाई हुई थी. 25 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज 26 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार यानी 27 नवंबर को फ्लोर टेस्ट कराए जाने का फैसला सुनाया. 27 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होना है, जिसमें बीजेपी के सामने बहुमत साबित करने की बड़ी चुनौती है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के पास बहुमत का आंकड़ा दिख रहा है. इन तीनों दलों ने अपने विधायकों को मुंबई के अलग अलग फाइव स्टार होटल में रखा है. सोमवार की शाम इन तीनों दलों के 162 विधायक एक साथ फोटो सेशन कराते नजर आए थे. इस दौरान शपथ ली गई थी कि इनमें से कोई भी किसी भी कीमत पर बीजेपी का साथ नहीं देंगे.