औरंगाबाद: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक दुर्रानी अब्दुल्ला खान ने कहा कि इस बात को साबित करने के पर्याप्त सबूत हैं कि साईबाबा का जन्म परभणी जिले के पथरी में हुआ था और लोगों को डर है कि अगर महाराष्ट्र के इस शहर का विकास होता है तो शिर्डी का महत्व कम हो जाएगा जहां साईबाबा का विशाल मंदिर है. Also Read - महाराष्ट्र में BJP को बड़ा झटका- एकनाथ खडसे ने छोड़ा पार्टी का साथ- NCP में होंगे शामिल?

पथरी के श्री साई जन्मस्थान मंदिर में भी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कस्बे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की थी. खान ने कहा कि अहमदनगर जिले के शिर्डी में रहने वाले लोगों को डर है कि अगर पथरी का विकास होगा तो शिर्डी का महत्व कम हो जाएगा. Also Read - कोरोना संकट से निपटने के लिए शिरडी के साईं मंदिर ट्रस्ट का बड़ा ऐलान, महाराष्ट्र सरकार को दान किए 51 करोड़ रुपये

राकांपा नेता ने कहा कि इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि पथरी ही साईबाबा का जन्मस्थल है और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी पहले इस तथ्य का समर्थन कर चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘‘शिर्डी साईबाबा की कर्मभूमि है, वहीं पथरी उनकी जन्मभूमि है और दोनों ही स्थानों का अपना महत्व है.’’ Also Read - भगवान राम का प्रमाण मांगने वालों को अब अपना प्रमाण देने में परेशानी: गिरिराज सिंह

खान ने कहा कि देश और दुनिया से बड़ी संख्या में लोग पथरी आते हैं. इस कस्बे में बुनियादी सुविधाओं की कमी है. उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने पथरी को 100 करोड़ रुपये की सहायता की सहमति जता दी है. शिर्डी के लोगों को इससे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वे नहीं चाहते कि पथरी को साईबाबा का जन्मस्थान कहा जाए.’ राकांपा विधायक ने कहा कि शिर्डी निवासियों को डर है कि अगर पथरी सुर्खियों में आ जाता है तो उनके यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आ जाएगी.