दीपावली के बाद NCR में घुटन: सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर में शामिल, 'बेहद खराब' श्रेणी में दिल्ली

दीपावली पर होने वाले धुएं में 70 फीसदी पटाखों की भागीदारी हो सकती है, हालांकि इसका कोई सटीक डेटा अभी उपलब्ध नहीं है.

Published date india.com Published: October 22, 2025 6:43 AM IST
दिल्ली का प्रदूषण मौसमी नहीं, साल भर की समस्या
दिल्ली का प्रदूषण मौसमी नहीं, साल भर की समस्या

दीपावली के उत्सव के एक दिन बाद पटाखों की धुंध ने आसमान भर दिया, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने उत्तरी भारत भर में हवा की गुणवत्ता में तेजी से बिगड़ने की खबर दी. वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुलेटिन के अनुसार, हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कई शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ दर्ज किया गया है. दीपावली की रात और अगली सुबह दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया और एनसीआर का एक्यूआई 500-900 के बीच रहा. अभी हवा का दबाव है और इस वजह से भी प्रदूषण बढ़ जाता है. स्मॉग आसमान में एक जगह पर बना रहता है. कंस्ट्रक्शन साइट्स और सड़कों पर धूल होने से भी प्रदूषण बढ़ता है. मंगलवार सुबह की बात करें तो एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के करीब दर्ज हुआ.

प्रदूषण में किसकी कितनी भागीदारी

  • इस प्रदूषण में पराली जलाने के बाद होने वाले प्रदूषण की भागीदारी 0.8 दर्ज की गई. इसमें तीन राज्यों से आने वाला प्रदूषण है, जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब शामिल हैं.
  • ट्रांसपोर्ट से होने वाले प्रदूषण की बात करें तो उसकी भागीदारी 16 फीसदी है.
  • घरों से आने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण की भागीदारी 4 फीसदी है.
  • दीपावली पर होने वाले धुएं में 70 फीसदी पटाखों की भागीदारी हो सकती है, हालांकि इसका कोई सटीक डेटा अभी उपलब्ध नहीं है.

लंग्स के लिए 60 से कम एयरपोर्ट इंडेक्स

हमारे लंग्स के लिए 60 से कम एयरपोर्ट इंडेक्स होना चाहिए. इससे अधिक कितना भी बढ़ता है, वो बेहद खतरनाक है, खास तौर पर बच्चे और बुजुर्गों के लिए क्योंकि उनकी रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. आने वाले दिनों में जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, वैसे-वैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा.

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नरेला (354), नजफगढ़ (334), मुंडका (357), मंदिर मार्ग (325), मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम (358), लोधी रोड (334), जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (317), जहांगीरपुरी (404), आईटीओ (345), दिलशाद गार्डन (346), द्वारका सेक्टर 8 (333), मथुरा रोड (341), बवाना (418), और आनंद विहार (352) में एक्यूआई खतरनाक स्तर पर दर्ज किया गया.

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