नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के तहत आने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में आर्थिक संकट के हल के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद् व नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) के प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से राहत की मांग की है. संगठन की ओर से इस बारे में लिखे गए पत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मचारियों के हितों की रक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा गया है कि सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वो इन सभी सहभागियों के साथ किसी भी तरह के अन्याय न करें और यदि दिल्ली विश्वविद्यालय के स्तर पर किसी तरह की कोई समस्या है तो उसके लिए विश्वविद्यालय के स्तर पर समाधान का मार्ग प्रशस्त करें.

एनडीटीएफ के पूर्व अध्यक्ष व दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यकारी परिषद् के पूर्व सदस्य डॉ.एके भागी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हमने अपने पत्र के माध्यम से उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि वो सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत कॉलेज कर्मचारियों को मिलने वाले एचआरए की राशि को तुरंत प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करें. साथ-साथ सभी अनुदान प्राप्त कॉलेजों को निर्धारित अनुदान समय रहते जारी किया जाए, जिससे कि कॉलेज में वेतन प्रदान करने के लिए आवश्यक अनुदान की कमी न रहे.

शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति की गुहार
इसी तरह इन कॉलेजों में शुरू किए गए नए शैक्षणिक प्रोग्राम्स के लिए आवश्यक अतिरिक्त शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भी सरकार जल्द से जल्द मंजूरी प्रदान करे. इतना ही नहीं सरकार इन कॉलेजों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के अन्तर्गत भी नई नियुक्तियों की दिशा में जल्द से जल्द राहत का मार्ग प्रशस्त करे ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो. डॉ. भागी ने उपमुख्यमंत्री को बताया है कि अभी तक इस स्तर पर किसी भी कॉलेज में एक भी पद स्वीकृत नहीं किया गया है जोकि चिंता का विषय है.

दिल्ली के उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री को भी भेजा पत्र
दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद् के सदस्य डॉ. वीएस नेगी, राजेश गोगना व पूर्व कार्यकारी परिषद् के सदस्य डॉ. एके भागी द्वारा लिखे गए इस पत्र की प्रति दिल्ली के उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री को भी भेजा गया है. इन सदस्यों का कहना है कि यह समस्या बेहद गंभीर है और दिल्ली सरकार से 100 फीसद अनुदान प्राप्त 12 कॉलेजों के समक्ष खड़ी अनुदान की इस समस्या का हल जल्द सुनिश्चित किया जाना चाहिए.