अहमदाबाद: गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित प्रसिद्ध ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के पास दो तालाबों के मगरमच्छों को यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर स्थानांतरित किया जा रहा है. हालांकि शुरूआती ख़बरों में कहा जा रहा था कि सी-प्लेन सुविधा को शुरू करने के लिए मगरमच्छों को यहां से हटाया जा रहा है जिसे लेकर पशु प्रेमियों ने इस निर्णय की आलोचना भी की थी. लेकिन इससे जुड़े    अधिकारियों ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि यह कदम सी-प्लेन सेवा शुरू करने के लिए उठाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि यहां टूरिस्ट की संख्या में काफी इजाफा हो गया है और उनकी सुरक्षा के मद्देनजर यह  कदम उठाया जा रहा है.

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20 पिंजरे स्थापित
एक अधिकारी ने बताया कि मगरमच्छों को पकड़ने के लिए उन दोनों तालाबों के किनारे करीब 20 पिंजरे स्थापित किए गए हैं, जिन्हें आधिकारिक तौर पर डाइक 3 और 4 के नाम से जाना जाता है. अधिकारी ने बताया कि ये तटबंध सरदार सरोवर बांध से छोड़े गए पानी को स्थिर करने के लिए बनाए गए कृत्रिम जलाशय हैं. वन संरक्षक (वडोदरा वन्यजीव क्षेत्र) आराधना साहू ने कहा कि अब तक 12 मगरमच्छ पकड़े गए हैं, हालांकि उन्होंने कहा कि इनकी संख्या को लेकर ऐसा कोई विशेष लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है, जिन्हें पकड़ने की जरूरत है.

पकड़े गए मगरमच्छ को ले जाते हुए (फोटो क्रेडिट -सोशल मीडिया)

पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र
वन संरक्षक आराधना साहू ने कहा केवड़िया गांव के पास स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का क्षेत्र भारी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है. चूंकि इन तालाबों में मगरमच्छ हैं, इसलिए पर्यटकों के लिए खतरा है. हमने इनको दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.’’ उन्होंने कहा अनुमान है कि उस क्षेत्र में लगभग 300 मगरमच्छ होंगे. 182 मीटर ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं.

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