नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक समस्या पर बोलते हुए कहा कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए संस्कारों की अहम भूमिका है इस संदर्भ में पीएम का कहना है कि बच्चों को शुरूआती वर्षो में परिवार और स्कूल में मिलने वाले संस्कार पर विशेष ध्यान दिए जाने को आवश्यक बताया. ये बातें पीएम ने कर्नाटक भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं से एप के जरिए संवाद करते हुए कहीं.

बेटों से क्यों नहीं पूछते “देर से क्यों आए” ?

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के लिये कानून को सख्त बनाया है और ऐसे अपराध के लिये अब फांसी की सजा भी हो सकती है. प्रधानमंत्री ने कर्नाटक भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं से संवाद में कहा कि महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी समस्या का समाधान हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी का अहसास और जागृति में निहित है. यह परिवार और स्कूल में बच्चों को शुरूआती वर्षों में मिलने वाले संस्कार पर भी निर्भर करता है. मोदी ने कहा कि उन्होंने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से कहा था कि हम बेटियों से पूछते हैं कि किससे बात की ? देर से क्यों आई ? क्या कर रही थी ? लेकिन क्या हम बेटों से पूछते हैं कि देर से क्यों आए ? देर तक बाहर क्या कर रहे थे ? किसके साथ थे ? उन्होंने कहा कि जब बेटों को इस जिम्मेदारी का अहसास होगा तभी जागृति आएगी.

केंद्र ने बनाया कड़ा कानून

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को कानून का डर नहीं होता है और इसके लिये केंद्र सरकार ने कड़ा कानून पेश किया है. अगर मासूम के साथ कोई बलात्कार जैसी जघन्य हरकत करता है तो उसे फांसी तक की सज़ा हो सकती है. सरकार ने आईपीसी, सीआरपीसी और पॉक्सो कानून को सख्त किया है. उन्होंने कहा कि बलात्कार जैसे अपराध के लिये न्यूनमत सजा को बढ़ाया है. दोषी को जल्द सजा मिले इसकी व्यवस्था की गई है. इसके लिए त्वरित निपटान अदालतों के गठन की पहल की गई है. पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और न्याय प्रक्रिया में गति पर जोर दिया जा रहा है.

समाज के हर व्यक्ति में हो जिम्मेदारी की भावना : पीएम मोदी
महिला कार्यकर्ताओं से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने एक वीडियो दिखाया और कहा कि जब आप लोगों के बीच जाएं तो उन्हें यह वीडियो दिखाएं. ये वीडियो कन्नड़ भाषा में ही है. इस दौरान प्रधानमंत्री से एक महिला कार्यकर्ता ने सवाल पूछा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से हमें काफी दुख होता है ? इस बारे में क्या कर सकते हैं ?. प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को इस बात का अहसास होना चाहिए कि वह क्या कर सकता है तभी इसका हल निकलेगा. हर व्यक्ति में जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए.

कांग्रेस के पास झूठ बोलने के आलावा कोई काम नहीं : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें सिर्फ अपनी बेटियों से ही नहीं बल्कि बेटों से भी सवाल पूछना शुरू करना चाहिए. महिला मोर्चा की एक अन्य कार्यकर्ता के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के सिर्फ झूठ फैलाने का काम कर रही है. उनके पास और कोई काम नहीं है. मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 9 करोड़ महिलाओं को फायदा पहुंचाया है. सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान शुरू किया जिसके परिणाम स्वरूप लिंग अनुपात बेहतर हुआ है. उन्होंने कहा कि बैंक सुविधा से वंचित लोगों के लिए जनधन योजना शुरू हुई. करीब 16.5 करोड़ महिलाओं को इसका लाभ मिला है. स्टैंडअप इंडिया के अंतर्गत 8000 करोड़ से अधिक का लोन दिया गया जिसके चलते राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप में काफी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना में 9 करोड़ महिलाओं को मुद्रा लोन का लाभ मिला है.
(इनपुट एजेंसी)