cancellation of Flight tickets Charges: राज्यसभा में पेश एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि हवाई टिकट रद्द कराने की स्थिति में लगने वाले शुल्क को तर्कसंगत बनाने और इसकी अधिकत सीमा तय करने की जरूरत है. नागर विमानन संबंधी संसद की स्थायी समिति ने इस विषय पर एक बार फिर से उसी तरह की अनुशंसा की है जो उसने अपनी पहले की भी कुछ रिपोर्ट में की थी.Also Read - संसदीय समिति की अपील, कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की कमी से हुई मौतों का ऑडिट कराए सरकार

उसका कहना है कि टिकटों के रद्द कराये जाने की स्थिति में इनके आधार मूल्य का 50 फीसदी अधिक शुल्क के तौर पर नहीं वसूला जाना चाहिए. समिति ने विमानन सेवा से जुड़ी कंपनियों द्वारा यात्रियों से टिकटों के रद्द कराने की स्थिति में बहुत अधिक शुल्क वसूले जाने पर गंभीरता से संज्ञान लिया है. Also Read - आसमान में कीमतों की जंग: डेढ़ हज़ार रुपए से भी कम में करें हवाई सफर, उठाएं फायदा

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति इस बात पर गहरी चिंता प्रकट करती है कि टिकट कैंसिलेशन शुल्क को लेकर कोई एकरुपता नहीं है.’’ समिति ने इस बात का उल्लेख किया कि है कि टिकट रद्द कराये जाने की स्थिति में यात्रियों से वसूले गए कर और ईंधन संबंधी अधिभार को वापस लौटाया जाना चाहिए. Also Read - अमेरिका के ट्यूपेलो में पायलट ने वॉलमार्ट स्टोर से विमान टकराने की धमकी दी, शहर के ऊपर चक्कर लगा रहा विमान

(इनपुट भाषा)