cancellation of Flight tickets Charges: राज्यसभा में पेश एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि हवाई टिकट रद्द कराने की स्थिति में लगने वाले शुल्क को तर्कसंगत बनाने और इसकी अधिकत सीमा तय करने की जरूरत है. नागर विमानन संबंधी संसद की स्थायी समिति ने इस विषय पर एक बार फिर से उसी तरह की अनुशंसा की है जो उसने अपनी पहले की भी कुछ रिपोर्ट में की थी.Also Read - भारतीय इन 18 देशों की कर सकते हैं यात्रा, जानें क्या है 'एयर बबल' के नियम

उसका कहना है कि टिकटों के रद्द कराये जाने की स्थिति में इनके आधार मूल्य का 50 फीसदी अधिक शुल्क के तौर पर नहीं वसूला जाना चाहिए. समिति ने विमानन सेवा से जुड़ी कंपनियों द्वारा यात्रियों से टिकटों के रद्द कराने की स्थिति में बहुत अधिक शुल्क वसूले जाने पर गंभीरता से संज्ञान लिया है. Also Read - 126 यात्रियों को लेकर आसमान में था विमान तभी पायलट को पड़ा दिल का दौरा, तीन दिन बाद नागपुर में मौत

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति इस बात पर गहरी चिंता प्रकट करती है कि टिकट कैंसिलेशन शुल्क को लेकर कोई एकरुपता नहीं है.’’ समिति ने इस बात का उल्लेख किया कि है कि टिकट रद्द कराये जाने की स्थिति में यात्रियों से वसूले गए कर और ईंधन संबंधी अधिभार को वापस लौटाया जाना चाहिए. Also Read - काबुल से 129 यात्रियों को लेकर दिल्ली पहुंचा एयर इंडिया का विमान, तालिबान के खौफ से अफगानिस्तान छोड़ भाग रहे लोग

(इनपुट भाषा)