नई दिल्ली: पाकिस्तान ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद वह भारत के साथ फिर से बाचतीत शुरू होने की आशा कर रहा है. साथ ही, इस बात का जिक्र किया कि व्यवस्थित बातचीत दोनों देशों को पारस्परिक चिंताओं को समझने, लंबित विवादों का हल करने और क्षेत्र में टिकाऊ शांति और सुरक्षा कायम करने के रास्ते पर ले जाएगा. पाकिस्तान के निवर्तमान उच्चायुक्त सोहैल महमूद ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई भाषा को दिए एक इंटरव्‍यू में कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में सुधार के लिए कूटनीति एवं वार्ता अनिवार्य हैं. उन्होंने कहा, हम भारत में चुनाव के बाद फिर से बातचीत शुरू होने की आशा करते हैं. Also Read - LG Wing Price in India on Flipkart: फ्लिपकार्ट पर 29,999 रुपये में मिल रहा है 70 हजार वाला LG का ड्यूअल-डिस्प्ले स्मार्टफोन

बता दें पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में 26 फरवरी को एक आतंकी ठिकाने पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमले और उसके अगले ही दिन पाक की जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. महमूद ने कहा, सतत बातचीत और व्यवस्थित वार्ता दोनों देशों को पारस्परिक चिंताओं को समझने, लंबित विवादों का हल करने और क्षेत्र में टिकाऊ शांति, सुरक्षा और समृद्धि लाने में सक्षम बनाएगा. Also Read - COVID Vaccine: भारत में Sputnik को मिल सकती है 10 दिन में मंजूरी, वैक्‍सीनेशन का आंकड़ा 10 करोड़ हुआ

महमूद ने यह भी कहा कि भारत में पाकिस्तान के बारे में नजरिए की समीक्षा करने की जरूरत है. महमूद ने कहा कि पाकिस्तान को वस्तुनिष्ठ रूप से और कहीं अधिक पूर्ण तरीके से हकीकत के साथ बयां करने वाले नजरिये की जरूरत है. एक ऐसा नजरिया जो शांतिपूर्ण, सहयोगी और अच्छे पड़ोसी संबंधों के लिए अवसरों को मान्यता देने में मदद करे. Also Read - भारत ने अब श्रीलंका के साथ किया एयर बबल समझौता, अब तक 28 देशों के साथ बनी है बात

महमूद ने कहा, हमें अवश्य ही हमारे खुद के लिए एवं क्षेत्र के लिए टिकाऊ शांति, समान सुरक्षा और साझा समृद्धि के लिए काम करना चाहिए. बता दें कि पकिस्तान ने तनाव घटाने की कोशिश के तहत दो हफ्ते पहले 360 भारतीय कैदियों को सदभावना के तहत रिहा करने की घोषणा की थी. उनमें से ज्यादातर लोग मछुआरे थे.

पाकिस्तान में सालाना बैशाखी समारोह में भाग लेने के लिए भारत से 2,200 सिख श्रद्धालुओं को यहां स्थित पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा वीजा दिए जाने के बाद यह कदम उठाया गया. करतारपुर कॉरीडोर परियोजना के बारे में पूछे जाने पर पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने कहा कि इस्लामाबाद अपनी ओर बुनियादी ढांचे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. पाक सरकार आशा करती है कि नवंबर 2019 से पहले इसके तौर तरीकों पर दोनों देश सहमत हो जाएंगे.