नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की एक गलती की वजह से करीब 100 छात्र एमबीबीएस में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता और प्रवेश परीक्षा (नीट) का एग्जाम देने में लेट हो गए. द हिंदू के अनुसार, तमिलनाडु के मदुरई जिले के नरिमेदू इलाके के नोएस मैट्रिक्यूलेशन हायर सेकंड्री स्कूल में नीट की परीक्षा देने आए छात्रों में से कुछ को अधिकारियों ने गलत पेपर पकड़ा दिए जिस वजह से करीब 100 छात्र एग्जाम देने में लेट हो गए. Also Read - Delhi Board of School Education: अगले शैक्षणिक वर्ष से दिल्ली का अपना होगा एजुकेशन बोर्ड, केजरीवाल ने इसको लेकर कही ये बात

परीक्षा केंद्र के बाहर अपने बच्चों का इंतजार कर रहे मां-बाप भी उस समय हैरान रह गए जब बाकी छात्र तो तय समय पर परीक्षा केंद्र से बाहर आ गए लेकिन करीब 100 छात्र परीक्षा केंद्र के अंदर ही रहे. खबर के मुताबिक पहले तो स्कूल और सीबीएसई अपनी गलती को छुपाने की कोशिश करते रहे लेकिन बाद में सच्चाई सामने आ ही गई. अपने बच्चों के तय समय पर बाहर न आने पर परीक्षा केंद्र के बाहर इंतजार कर रहे माता-पिता भी घबरा गए और स्कूल प्रशासन से सच बात बताने को कहने लगे. Also Read - CBSE की 10वीं, 12वीं परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए जरूरी खबर, इन विषयों के Exam Dates में हुआ बदलाव, जानें नई तारीख

एक अधिकारी ने बताया कि, ”करीब 100 छात्रों को गलती से अंग्रेजी और तमिल में पेपर देने के जगह अंग्रेजी और हिंदी भाषा वाला पेपर दे दिया गया था जिस वजह से वो छात्र पेपर नहीं कर पाए. इन 100 छात्रों ने पेपर देने के लिए तमिल भाषा का चुनाव किया था लेकिन तमिल की जगह हिंदी में पेपर मिला जिस वजह से ये छात्रा बाकी छात्रों के साथ पेपर नहीं दे पाए.”

परीक्षा केंद्र के बाहर नाराज माता-पिता के विरोध के कारण पुलिस को भी बुलाना पड़ा. बाद में विरोध को देखते हुए सीबीएसई के अधिकारियों ने नाराज माता-पिता में से कुछ लोगों को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की इजाजत दे दी. अधिकारी ने बताया कि, ”जिन छात्रों को गलती से गलत पेपर दिया गया था वो वापस लिया गया और फिर छात्रों को सही पेपर दिया गया. सीबीएसई ने कहा है कि सारी कॉपियों को बिना किसी परेशानी के चेक किया जाएगा.”

22 छात्रों का एक समूह जो गलत पेपर की वजह से परीक्षा देने में लेट हो गए थे वो दोपहर में साढ़े तीन बजे परीक्षा केंद्र से बाहर आए. छात्रों ने बताया कि उन्हें अंदर खाने के लिए स्नैक्स और पीने के लिए जूस दिया गया था. हालांकि छात्रों ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि परीक्षा लेट होने के कारण उन्हें लंच भी दिया जाएगा लेकिन लंच उन्हें परीक्षा खत्म होने के बाद दिया गया.

छात्रों ने बताया कि परीक्षा केंद्र के अंदर अधिकारियों ने उनसे एक कागज पर सिग्नेचर करवा लिया जिसमें लिखा था कि ‘छात्रों को पेपर करने के लिए पूरे तीन घंटे का समय दिया गया’, छात्रों ने बताया कि अधिकारियों ने अपने बचाव के लिए उनसे साइन करवाए. छात्रों ने यह भी बताया कि उन्हें बाद में जो पेपर दिया गया था अधिकारियों ने उसे भी परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने से पहले ले लिया.