नई दिल्ली: केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने मंगलवार को कहा कि आयोजन स्थलों पर छात्रों की पहुंच आसान बनाने के लिए इस साल 107 के मुकाबले 150 सीटों पर नीट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. जावड़ेकर ने ट्वीट किया, ‘‘नीट 2018 की परीक्षा के लिए 43 नये केन्दों को मंजूरी दी गई है. पहली बार 150 शहरों में नीट की परीक्षा आयोजित की जाएगी. 2017 में 107 शहरों में यह परीक्षा आयोजित की गई थी.’’ मंत्री ने कहा, ‘‘जिस किसी भी शहर में 4,000 और उससे अधिक छात्रों ने आवेदन किया था और 2017 में जिन शहरों में परीक्षा केन्द्र नहीं था, उन सब जगहों पर नीट 2018 परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्र बनाया जाएगा.’’

नये परीक्षा केन्द्रों में आंध्र प्रदेश में पांच, असम में दो, गुजरात में तीन, महाराष्ट्र में छह, ओडिशा में चार, तमिलनाडु में दो, केरल में पांच, तेलंगाना में दो, पश्चिम बंगाल में तीन, उत्तर प्रदेश में तीन और छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, कर्नाटक और उत्तराखंड में एक-एक बनाया जाएगा.

इस साल छह मई को नीट परीक्षा आयोजित की जाएगी. ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया आठ फरवरी को शुरू हुई और यह नौ मार्च तक चलेगी 10 मार्च दोपहर साढ़े 11 बजे तक ऑनलाइन शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा.

दूसरी ओर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्पष्ट किया है कि नीट की पात्रता की शर्तें तय करने और शिकायतों के संबंध में निर्णय में उसकी कोई भूमिका नहीं है और यह भारतीय चिकित्सा परिषद को भेजा जाना चाहिए . सीबीएसई का यह स्पष्टीकरण मुक्त विद्यालय के उम्मीदवारों एवं 12वीं कक्षा में अतिरिक्त विषय के रूप में जीव विज्ञान लेने वाले छात्रों को नीट परीक्षा देने से रोके जाने के बारे में कई शिकायतों के मद्देनजर आई है .

बोर्ड ने अपने परामर्श में कहा है कि सीबीएसई की जिम्मेदारी नीट परीक्षा आयोजित करने तक ही सीमित है जो एमसीआई द्वारा तय पात्रता शर्तों के आधार पर होती है. पात्रता शर्तें तय करने में सीबीएसई की कोई भूमिका नहीं है . सीबीएसई ने नीट परीक्षा के लिये पात्र उम्मीदवारों से आवेदन मंगाए हैं . यह परीक्षा देशभर में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिले के लिये आयोजित कराए जाते हैं.

 

इनपुट: एजेंसी