NEET UG 2026 Exam New Date: NEET परीक्षा की नई तारीख घोषित हो गई है. अब ये परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी. ये परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द हो गई थी जिसकी वजह से 22 लाख से ज्यादा छात्र अनिश्चितता में फंस गए थे. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को NEET UG परीक्षा कराई थी. इस पेपर लीक से जुड़े मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है.
NEET (UG) 2026 — परीक्षा तिथि की घोषणा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भारत सरकार की स्वीकृति से NEET (UG) 2026 की पुनः-परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है।
परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल NTA के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें।…— National Testing Agency (@NTA_Exams) May 15, 2026
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने नई तारीखों की घोषणा करते हुए परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अनुरोध किया है कि केवल NTA के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें. इसके लिए वेबसाइट neet-ug@nta.ac.in पर जाने की सलाह दी गई है. साथ ही 011-40759000 और 011-69227700 फोन नंबर भी शेयर किए गए हैं.
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नीट-यूजी 2026 का पेपर राजस्थान के कोचिंग हब सीकर से लीक होने का मामला सामने आया था. इसके बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया. मामले की जांच कर रही सीबीआई कोचिंग संस्थानों, बिचौलियों, छात्रों और आरोपियों के रिश्तेदारों के संभावित संबंधों की जांच कर रही है. CBI ने इस मामले में जयपुर से चार आरोपियों-मांगीलाल बीवाल, उसका बेटा विकास, दिनेश बीवाल और हरियाणा निवासी यश यादव को गिरफ्तार किया है. जांचकर्ताओं का मानना है कि इस नेटवर्क का तालमेल सीकर में ही शुरू हुआ था.
पेपर लीक का मामला अब एक राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है. इसे लेकर केंद्र सरकार गंभीर है. सरकार ने भी माना कि इस बार पेपर लीक बड़े पैमाने पर हुआ है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जांच करते हुए पूरे देश में लगातार छापेमारी कर रही है. सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक के संबंध में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर 12 मई 2026 को मामला दर्ज किया था.
केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में अदालत को बताया है कि जांच के दौरान व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट से कई सबूत मिले हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 100 सवाल पहले ही लीक कर दिए गए थे और आरोपियों द्वारा प्रश्नपत्र के साथ उत्तर कुंजी भी उपलब्ध कराई गई थी. सीबीआई ने साफ किया है कि यह एक व्यापक साजिश है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है, इसका पता लगाना जरूरी है. एजेंसी ने कहा है कि इस पूरे नेटवर्क में संभावित रूप से पब्लिक सर्वेंट, सरकारी कर्मचारी और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोगों की संलिप्तता की जांच करनी जरूरी है.
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न लीक किए थे ताकि अभ्यर्थियों को बेहतर अंक मिल सकें और उन्हें जयपुर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने में मदद मिल सके.
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