कोहिमा:  नगालैंड के राज्यपाल पीबी आचार्य ने एनडीपीपी के नेता नेफ्यू रियो को आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. पूर्वोत्तर राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर रियो का यह चौथा कार्यकाल है. भाजपा के साथ गठबंधन में रियो राज्य में पीपुल्स डेमोक्रेटिक एलायंस सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. वहीं राज्यपाल ने भाजपा के वाई पैटन को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई. इसके अलावा दस अन्य मंत्रियों को भी पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. Also Read - लॉकडाउन को फेल बताने पर राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार: झूठ नहीं फैलाएं, दुनिया के आंकड़े देखें

इन 10 मंत्रियों में से पांच भाजपा, तीन नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) से, एक निर्दलीय और एक जदयू विधायक हैं. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एवं पार्टी महासचिव राम माधव शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित थे. निवर्तमान मुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग भी कार्यक्रम में उपस्थित थे. असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर एवं मेघालय के मुख्यमंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया.

रियो ने 32 विधायकों के समर्थन से चार मार्च को सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इन विधायकों में एनडीपीपी के 18, भाजपा के 12, जदयू का एक और एक निर्दलीय विधायक शामिल हैं. राज्य में 60 सदस्यीय विधानसभा है.

नेशनल पीपल्स पार्टी( एनपीपी) के प्रदेश अध्यक्ष एटो येथोमी ने कहा कि उन्होंने रियो को समर्थन देने वाला एक पत्र राज्यपाल को सौंपा है. हाल में खत्म हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ एनपीएफ ने 26 सीटें जीती हैं. एनडीपीपी- भाजपा के गठबंधन ने 30 सीटें अपनी झोली में डाली हैं और उन्हें एनपीपी के दो विधायकों तथा एक जदयू और एक निर्दलीय का समर्थन हासिल है.

शपथ- ग्रहण समारोह का स्थल इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि एक दिसंबर, 1963 को यहीं से तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने नागालैंड राज्य के गठन की घोषणा की थी. नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी( एनडीपीपी) हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ मिलकर इस पूर्वोत्तर राज्य की सत्ता संभालने जा रही है. गठबंधन ने एनडीपीपी के वरिष्ठ नेता नेफ्यू रियो को मुख्यमंत्री चुना है.