कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस द्वारा विधानसभा की कार्रवाई अचानक स्थगित होने का आरोप राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर लगाए जाने के बाद उन्होंने कहा कि ‘‘न तो वह ‘रबड़ स्टांप’ हैं और न ही पोस्ट ऑफिस’ हैं.’’ सत्तारूढ़ पार्टी और राज्यपाल के बीच गतिरोध उस समय और भी निचले स्तर पर पहुंच गया जब विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने मंगलवार को सदन को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया क्योंकि विधानसभा में जो विधेयक पेश होने थे, उसे अब तक राज्यपाल से मंजूरी नहीं मिली थी जो अनिवार्य था.

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इस दावे को राज भवन ने खारिज करते हुए कहा कि यह कुछ ऐसा है जिसे स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है. धनखड़ ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘राज्यपाल के तौर पर मैं संविधान का पालन करता हूं और आंख बंदकर के फैसले नहीं ले सकता. मैं ‘न तो रबड़ स्टांप हूं और न ही पोस्टऑफिस.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं संविधान के आलोक में विधेयकों की जांच करने और बिना विलंब के काम करने के लिए बाध्य हूं. इस मामले में सरकार की तरफ से देर से हुई है.’’ वहीं विधानसभा के अध्यक्ष ने विधानसभा में कहा कि जो विधेयक पेश होने वाले थे, उन्हें अब तक राज्यपाल से मंजूरी नहीं मिली है.