नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ चार दिवसीय राजकीय दौरे पर गुरुवार को भारत पहुंचे। चार अगस्त को नेपाल का प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद प्रचंड अपने पहले विदेश दौरे पर भारत आए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राष्ट्रीय राजधानी में हवाईअड्डे पर प्रचंड की अगवानी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर प्रचंड पत्नी सीता दहल के साथ भारत दौरे पर आए हैं। भारत के राजकीय मेहमान नेपाली दंपति राष्ट्रपति भवन में रुकेंगे। प्रचंड शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा रविवार को दौरा संपन्न होने से पहले वह राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे।

भारत दौरे पर आने से पहले प्रचंड ने कहा था, “मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के इस दौरे से न सिर्फ दोनों देशों के आपसी संबंध पटरी पर लौटेंगे, बल्कि आपसी विश्वास को और मजबूती प्रदान करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच पनबिजली परियोजनाओं सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रचंड नेपाल में अप्रैल, 2015 में आए भीषण भूकंप के बाद बुनियादी ढांचा विकास में भारत से अधिक सहयोग भी मांग सकते हैं। यह भी पढ़ें: मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से मुलाकात की

इसके अलावा प्रचंड भारत में बसे नेपाली समुदाय से भी मुलाकात करेंगे और नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास में एक स्वागत समारोह में भी हिस्सा लेंगे। प्रचंड शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और पियूष गोयल से मुलाकात करेंगे, जबकि शनिवार को उनकी बैठक गृह मंत्री राजनाथ सिंह से होनी है। इस बीच प्रचंड हिमाचल प्रदेश में नाथपा झाकरी पनबिजली परियोजना देखने भी जाएंगे।

नेपाल के पूर्व-पश्चिम बिजली रेल के प्रस्ताव के व्यवहारिक अध्ययन, भारत और नेपाल के प्रमुख विरासतों को जोड़ने वाले 80 किमी लंबे बौद्ध परिपथ का निर्माण भी दोनों देशों के बीच एजेंडे में शामिल है। कई दूसरे एजेंडे जैसे भारत के साथ बढ़ते व्यापार घाटे, भारत और नेपाल के बीच व्यापार ऊर्जा के लिए सब स्टेशन का निर्माण और नेपाल के दक्षिणी मैदान में सड़क निर्माण के लिए दूसरे चरण की सहायता पर भी चर्चा की जाएगी।