नई दिल्ली: कांग्रेस ने कुछ भारतीय क्षेत्रों को नेपाल का हिस्सा बताने वाले नक्शे से जुड़े विधेयक के नेपाली संसद के निचले सदन से पारित होने को विदेश नीति के मोर्चे पर नरेंद्र मोदी सरकार की बड़ी विफलता करार देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि देश में परिपक्व राजनीतिक नेतृत्व का अभाव है. Also Read - डिप्टी सीएम पद से हटाए गए सचिन पायलट, अशोक गहलोत बोले- उनके हाथ में कुछ भी नहीं है, मजबूरी में करना पड़ा फैसला

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘भारत और नेपाल के दीर्घकालिक संबंध में आज एक दुखद दिन है. यह दुखद है कि जब राष्ट्रीय हित की सुरक्षा की बात आती है तो भाजपा का स्वघोषित ‘मजबूत नेतृत्व’ इनकार करने की मुद्रा में चला जाता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘परिपक्व राजनीतिक नेतृत्व के अभाव में टेलिवजन पर ख्याली युद्ध कोई विकल्प नहीं हो सकता.’’ Also Read - उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट ने किया पहला ट्वीट- 'सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही'

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने आरोप लगाया, ‘‘आप जानते हैं कि हम कहां खड़े हैं. अब तो नेपाल की भी आपके क्षेत्र को अपने आधिकारिक नक्शे में शामिल करने की हिम्मत हो गई है. आप कहीं नहीं हैं. यह भाजपा सरकार की विदेश नीति के मोर्चे पर बहुत बड़ी विफलता है.’’

गौरतलब है कि नेपाल की संसद के निचले सदन ने शनिवार को देश के राजनीतिक नक्शे को संशोधित करने के लिये संविधान में बदलाव से जुड़े एक विधेयक पर सर्वसम्मति से अपनी मुहर लगा दी. संशोधित नक्शे में भारत की सीमा से लगे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा इलाकों पर दावा किया गया है. भारत इन तीन इलाकों को अपना बताता रहा है.