
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
नीति आयोग राज्यों के विकास के लिए यातायात व्यवस्था पर खास ध्यान दे रहा है. आयोग का मानना है सड़कें सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का जरिया नहीं होतीं, बल्कि वे विकास की रीढ़ होती. इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूर्व सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं और संभावनाओं को सामने रखा. उनका कहना है कि अगर सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अपने आप सुधार देखने को मिलेगा और आकांक्षी जिलों को मुख्यधारा से जोड़ना आसान होगा.
नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान, दद्दन मिश्र ने केंद्रीय मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा. इसमें उन्होंने खास तौर पर बाराबंकी से बहराइच तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह फैसला क्षेत्र के लिए बेहद सराहनीय है, लेकिन अगर इस फोरलेन सड़क को श्रावस्ती होते हुए बलरामपुर तक जोड़ दिया जाए, तो लाभ कई गुना बढ़ सकता है. केंद्रीय मंत्री ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और इस प्रस्ताव को सकारात्मक बताया.
फोरलेन सड़क बनने से सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को होगा. अभी कई जगहों पर संकरी और खराब सड़कों की वजह से लोगों को रोजमर्रा के सफर में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. नई और चौड़ी सड़क बनने से यात्रा न सिर्फ आसान बल्कि ज्यादा सुरक्षित भी होगी. एंबुलेंस, स्कूल वाहन और जरूरी सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी. साथ ही किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी और समय व खर्च दोनों की बचत होगी.
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दद्दन मिश्र को भरोसा दिलाया कि फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना को श्रावस्ती होते हुए बलरामपुर तक जोड़ने पर विचार किया जाएगा. अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो श्रावस्ती और बलरामपुर जैसे आकांक्षी जिलों में विकास की रफ्तार तेज होगी. बेहतर सड़कें रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी और इन जिलों को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी.
बता दें श्रावस्ती और बलरामपुर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जिले हैं. श्रावस्ती भगवान गौतम बुद्ध की तपोस्थली रही है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं. वहीं बलरामपुर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि होने के साथ-साथ 51 शक्तिपीठों में शामिल मां पाटेश्वरी देवी का धाम भी है. बेहतर कनेक्टिविटी होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को लाभ मिलेगा.
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